पाकिस्तान और पीओके में भारतीय सेना की कार्रवाई के लिए शहीदों के परिजनों ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया धन्यवाद
पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देते हुए भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवादी संगठनों के बुनियादी ढांचे को तबाह करना और शहीद हुए भारतीय सैनिकों की शहादत का बदला लेना था।
इस कार्रवाई के बाद पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद व्यक्त किया है। शहीद सुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने कहा, “मेरे पति की शहादत व्यर्थ नहीं गई। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके बलिदान का बदला लिया है, इसके लिए हम उनके आभारी हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि मोदी जी इस हमले का माकूल जवाब देंगे, और अब वह भरोसा मजबूत हुआ है। परिजनों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने जो वादा किया था, वह उन्होंने 15 दिनों के भीतर पूरा कर दिखाया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान और पीओके में लंबे समय से सक्रिय आतंकवादी संगठन भारत की शांति और सुरक्षा को लगातार चुनौती देते रहे हैं। पुलवामा और उरी जैसे हमले इसकी मिसाल हैं। ऐसे में मोदी सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाते हुए ‘प्रत्युत्तर में प्रहार’ की रणनीति पर काम किया है, जिसका ताजा उदाहरण ऑपरेशन सिंदूर है।
इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक हथियारों, सटीक बमबारी और निगरानी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। यह कार्रवाई भारतीय सेना की ताकत और भारत सरकार के मजबूत राजनीतिक इरादे को दर्शाती है। यह केवल आतंकियों को खत्म करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि उन शहीदों के परिवारों के लिए एक न्याय की भावना भी लेकर आई है।
इस कार्रवाई ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत अब आतंकी हमलों को नजरअंदाज नहीं करेगा और आवश्यकता पड़ने पर सीधी और निर्णायक कार्रवाई करेगा। यह न सिर्फ भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए देश की प्रतिबद्धता भी है।
संक्षेप में कहा जाए तो पाकिस्तान और पीओके में हुए ये हमले भारत के सुरक्षा तंत्र की ताकत, सरकार की इच्छाशक्ति और देशवासियों की एकजुटता का प्रतीक हैं। शहीदों के परिवारों के लिए यह एक संतोषजनक पल है, जिसमें उन्हें यह महसूस हो रहा है कि उनका बलिदान बेकार नहीं गया।