भारत हमले रोके तो सीमा पर तनाव कम करने को तैयार: पाकिस्तान

भारत हमले रोके तो सीमा पर तनाव कम करने को तैयार: पाकिस्तान

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया। भारतीय सेना की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि आतंक के खिलाफ भारत कोई समझौता नहीं करेगा।

इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा, “यदि भारत हमले रोकता है, तो हम भी सीमा पर तनाव कम करने को तैयार हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

ख्वाजा आसिफ ने आगे कहा कि पिछले दो हफ्तों से पाकिस्तान की ओर से भारत के खिलाफ कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की गई है और वे लगातार यही कह रहे हैं कि पाकिस्तान भारत विरोधी कोई कदम नहीं उठाना चाहता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भारत की ओर से हमले जारी रहते हैं तो ही पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित किसी बातचीत की जानकारी नहीं है, जिससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा हालात में औपचारिक कूटनीतिक संवाद की संभावना कम है।

भारत का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इस बात का प्रतीक है कि वह आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा। पहलगाम हमले में हुए नुकसान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सीमापार आतंकवाद पर लगाम कब लगेगी। भारत लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकियों को शरण देने और भारत के खिलाफ भेजने के लिए करता है — हालांकि पाकिस्तान इन आरोपों को नकारता है।

भारत और पाकिस्तान के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं, और तीन युद्धों, कई बार संघर्षविराम उल्लंघन, और निरंतर सीमा पर झड़पों का इतिहास इस संबंध को और भी जटिल बनाता है। दोनों देशों के परमाणु शक्ति संपन्न होने के कारण ऐसी स्थिति विश्व समुदाय की भी चिंता का विषय बन जाती है।

ख्वाजा आसिफ का यह बयान कि “अगर भारत हमला रोके, तो हम भी सीमा पर तनाव घटाने को तैयार हैं,” शांति की ओर एक संभावित पहल हो सकती है। हालांकि, यह देखना होगा कि क्या यह बयान सिर्फ कूटनीतिक दबाव का हिस्सा है या वाकई पाकिस्तान स्थिति को सामान्य करने के लिए इच्छुक है।

फिलहाल, यह निर्णय भारत के पाले में है कि वह अपनी सैन्य कार्रवाई को जारी रखेगा या पाकिस्तान की शांति अपील पर कोई प्रतिक्रिया देगा। दोनों देशों की जनता, खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग, शांति और स्थिरता की आशा करते हैं।

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