भारत और पाकिस्तान को संयम बरतना चाहिए – G7 समूह की अपील
भारत और पाकिस्तान, जो लंबे समय से प्रतिद्वंदी राष्ट्र रहे हैं, एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव को लेकर वैश्विक ध्यान का केंद्र बन गए हैं। हाल की घटनाओं के संदर्भ में, सात देशों के समूह (G7) ने दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रत्यक्ष वार्ता में शामिल होने की अपील की है।
G7 समूह, जिसमें अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं, ने हाल ही में इटली के कैपरी में एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें से एक प्रमुख विषय था 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला।
G7 ने इस हमले की कड़ी निंदा की और अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान को सैन्य तनाव से बचना चाहिए क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों से चला आ रहा तनाव किसी से छिपा नहीं है। 1947 में विभाजन के बाद से दोनों देशों के बीच तीन युद्ध और कई सीमावर्ती संघर्ष हो चुके हैं, खासकर कश्मीर क्षेत्र को लेकर। नियंत्रण रेखा (LoC) पर समय-समय पर गोलीबारी और संघर्ष शांति प्रक्रिया में बाधा बनते रहे हैं।
G7 का यह बयान एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। समूह ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वे तनाव को कम करें और शांति स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई कि यदि तनाव बढ़ता है, तो उसका असर न केवल दक्षिण एशिया पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हो सकता है।
G7 देशों ने यह भी कहा कि वे आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और चाहते हैं कि दोनों देश बातचीत के रास्ते को अपनाएं। इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय दबाव, विशेष रूप से प्रभावशाली देशों से, भारत और पाकिस्तान को सकारात्मक दिशा में प्रेरित कर सकता है।
अंत में, G7 का यह संदेश स्पष्ट है: भारत और पाकिस्तान को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए और टकराव की बजाय संवाद व समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। उम्मीद की जा रही है कि यह अंतरराष्ट्रीय अपील दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और शांति की ओर बढ़ने में मददगार होगी।