बाग-ए-बाहू का इतिहास और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व

बाग-ए-बाहू का इतिहास और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व

बाग-ए-बाहू, जम्मू शहर का एक अत्यंत सुंदर, शांत और ऐतिहासिक स्थल है, जो तवी नदी (Tawi River) के किनारे स्थित है। यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। यहाँ हर दिन सैकड़ों सैलानी, भक्तगण और स्थानीय लोग सुकून पाने के लिए आते हैं।


🏰 बाहू किला – जम्मू का प्राचीन किला

बाग-ए-बाहू के पास ही स्थित है बाहू किला (Bahu Fort), जिसे लगभग 3,000 वर्ष पूर्व राजा बाहु लोचन द्वारा बनवाया गया था। यह किला जम्मू का सबसे पुराना किला माना जाता है। राजा बाहु के भाई, राजा जम्मू लोचन, ने जम्मू शहर की स्थापना की थी।

किले के अंदर स्थित है बावे वाली माता का मंदिर, जो माँ महाकाली को समर्पित है। यह मंदिर जम्मू के लोगों के लिए कुलदेवी का स्थान रखता है। हर शुक्रवार यहाँ बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं।


🌸 बाग-ए-बाहू का निर्माण और स्वरूप

बाहू किले के चारों ओर फैला हुआ है भव्य बाग-ए-बाहू गार्डन, जिसे डोगरा राजाओं के शासनकाल में विकसित किया गया था। यह बाग मुगल शैली में डिजाइन किया गया है, जिसमें बहुपरती हरियाली, फव्वारे, फूलों की क्यारियाँ, और पक्के मार्ग हैं।

यह बाग शहर की भीड़-भाड़ से दूर शांति और ताजगी से भरा एक प्राकृतिक स्थान है, जहाँ लोग टहलने, विश्राम करने और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने आते हैं।


🐠 भूमिगत मछलीघर (Aquarium) – विशेष आकर्षण

बाग-ए-बाहू का सबसे खास आकर्षण है यहाँ का भूमिगत एक्वेरियम (Underground Aquarium), जो आकार में मछली की तरह बना हुआ है। यह भारत का सबसे बड़ा भूमिगत मछलीघर माना जाता है।

इसमें कई प्रकार की मीठे पानी और समुद्री मछलियाँ, कछुए, केकड़े, झींगे, और अन्य जलीय जीव रखे गए हैं। यह जगह खासतौर पर बच्चों और छात्रों के लिए शैक्षणिक और मनोरंजक अनुभव प्रदान करती है।


🧭 पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

  • 📍 स्थान: जम्मू शहर के केंद्र से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • 🕒 घूमने का सर्वोत्तम समय: मार्च से अक्टूबर तक, विशेष रूप से सुबह और शाम के समय।
  • 💵 प्रवेश शुल्क: सामान्य जनता और छात्रों के लिए अलग-अलग शुल्क; सस्ता और सुलभ।
  • 🧼 सुविधाएँ: साफ-सुथरे शौचालय, पीने का पानी, बैठने की जगह, बच्चों के खेलने के क्षेत्र और नाश्ते के स्टॉल उपलब्ध हैं।
  • 📸 फोटोग्राफी: यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और तवी नदी का दृश्य फोटोग्राफी के लिए आदर्श है।

🎯 क्यों जाएं बाग-ए-बाहू?

  1. इतिहास का अनुभव: बाहू किला देखकर जम्मू की प्राचीन संस्कृति को जानने का अवसर।
  2. आध्यात्मिक शांति: बावे वाली माता के दर्शन से मन को शांति और शक्ति मिलती है।
  3. प्राकृतिक सौंदर्य: हरियाली, फूलों और फव्वारों से सजा यह स्थान तनावमुक्त करने वाला है।
  4. परिवार के साथ घूमने लायक: मछलीघर बच्चों और बड़ों के लिए समान रूप से रोचक है।
  5. विस्तृत दृश्य: बाग से तवी नदी और जम्मू शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है।

🔚 निष्कर्ष

बाग-ए-बाहू, जम्मू का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो इतिहास, भक्ति और प्रकृति का अद्भुत समावेश प्रस्तुत करता है। यह एक ऐसा स्थान है जहाँ मन को शांति और आत्मा को संतुलन मिलता है।

यदि आप जम्मू यात्रा पर जा रहे हैं, तो बाग-ए-बाहू को अपनी सूची में अवश्य शामिल करें।

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