अमृत भारत योजना के तहत रेलवे का कायाकल्प – देश के विकास की नई पहचान
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई अमृत भारत स्टेशन योजना देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना का उद्देश्य पुराने रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण करते हुए यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना है।
508 रेलवे स्टेशनों को इस योजना के तहत ₹24,470 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसमें दक्षिण रेलवे ज़ोन में 40 से अधिक स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत देशभर में 103 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है, जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 मई 2025 को दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने वाले हैं। यह भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
तमिलनाडु राज्य में 9 रेलवे स्टेशनों का पूर्ण रूप से पुनर्विकास किया गया है। उनमें तिरुचिरापल्ली जिले का श्रीरंगम रेलवे स्टेशन विशेष उल्लेख के योग्य है। इसे अमृत भारत योजना के अंतर्गत ₹6.18 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्निर्मित किया गया है।
इस स्टेशन में नया प्रवेश द्वार, उन्नत प्रतीक्षा कक्ष, आधुनिक टिकट काउंटर, स्वच्छता सुविधाएं और यात्री सुविधा केंद्र शामिल हैं। खास बात यह है कि स्टेशन का पुराना प्रवेश द्वार हटाकर, श्रीरंगम मंदिर के गोपुरम की शैली में नया प्रवेश द्वार बनाया गया है, जिससे स्टेशन को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़ा गया है।
यह न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्टेशन अब एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में भी उभरेगा। मंदिर दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को अब एक भव्य और सुसज्जित स्टेशन का अनुभव मिलेगा।
अमृत भारत योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों में केवल सुविधाएं ही नहीं बढ़ाई जा रही हैं, बल्कि उन्हें स्थानीय परंपरा, विरासत और तकनीकी विकास का संगम बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें हर स्टेशन की पहचान को बनाए रखते हुए, आधुनिकता और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस तरह के योजनागत बदलाव भारत को एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जा रहे हैं। यह योजना प्रधानमंत्री के “नए भारत” के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देती है, जिसमें परंपरा और प्रगति साथ-साथ चलती हैं।
इस योजना के माध्यम से रेलवे सिर्फ एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक और विकासशील छवि का प्रतीक बन रहा है। 103 स्टेशनों का एक साथ उद्घाटन, एक नई रेलवे क्रांति की शुरुआत है।