उत्तर-पूर्व भारत – ऊर्जा और संभावनाओं का केंद्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में उत्तर-पूर्व राज्यों के निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, “उत्तर-पूर्व भारत अब केवल सीमांत क्षेत्र नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा और संभावनाओं का केंद्र बन चुका है।“
इस सम्मेलन में देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अडानी सहित कई निवेशकों ने भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री मोदी को बांस की टोकरी में ऑर्किड फूलों का गुलदस्ता भेंट किया, जो उत्तर-पूर्व की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि उत्तर-पूर्व भारत देश की विविधता का प्रतीक है। यहाँ की हाथ से बनी वस्तुएं, बांस उद्योग, चाय उत्पादन, जैविक कृषि और पर्यावरणीय पर्यटन जैसी चीजें न केवल भारत के लिए गर्व की बात हैं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी इनकी विशेष पहचान है।
एक समय था जब उत्तर-पूर्व को केवल एक “सीमावर्ती क्षेत्र” के रूप में देखा जाता था। लेकिन अब यह क्षेत्र भारत की विकास यात्रा का अगुआ बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे “अष्ट लक्ष्मी” कहकर पुकारा, जो उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों की विशिष्टता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है।
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में उत्तर-पूर्व में बुनियादी ढांचे, सड़कों, रेलवे कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों के जीवन में सुधार आया है, बल्कि निवेश और औद्योगीकरण के लिए भी नए रास्ते खुले हैं।
उत्तर-पूर्व भारत, चीन, म्यांमार, बांग्लादेश और भूटान जैसे देशों से सटा हुआ है, जिससे यह क्षेत्र भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। भारत की “एक्ट ईस्ट नीति” के तहत यह क्षेत्र अब दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रवेश द्वार बनने की दिशा में अग्रसर है।
सरकार स्थायी विकास, पर्यावरण संरक्षण, और स्थानीय समुदायों को सशक्त करने पर जोर दे रही है। बांस उद्योग, हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र उद्योग, और जैविक कृषि को बढ़ावा देकर हजारों लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री मोदी का यह कथन कि “उत्तर-पूर्व शक्ति का केंद्र है“, केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं, बल्कि एक विकासशील भारत के नए दर्शन का परिचायक है। यह क्षेत्र अब न केवल अपनी पहचान बना रहा है, बल्कि भारत की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।