भारत ने अपनी रक्षा को मजबूत किया… 3,000 करोड़ रुपये में INVAR मिसाइलों की खरीद…!

भारत की रक्षा तैयारियों को बढ़ावा: भारत डायनामिक्स लिमिटेड से ₹3,000 करोड़ की लागत से 500 इन्वार मिसाइलों की खरीद अंतिम चरण में

भारत सरकार की रक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, रक्षा मंत्रालय भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) से करीब ₹3,000 करोड़ की लागत से 500 इन्वार (INVAR) एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों (ATGM) की खरीद के लिए एक अहम सौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। यह मिसाइलें विशेष रूप से भारत की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर रक्षा तैयारियों को मजबूती प्रदान करेंगी।


रक्षा सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कदम

इससे पहले मई माह की शुरुआत में, रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने लगभग ₹40,000 करोड़ की आपातकालीन रक्षा खरीदों को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य बदलती युद्ध रणनीतियों के अनुरूप सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करना है।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने हाल ही में स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) के प्रोटोटाइप को भी स्वीकृति दी है। यह सफलतापूर्वक उपयोग में लाई जा रही हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस परियोजना के बाद अगला बड़ा कदम माना जा रहा है।


INVAR मिसाइल की विशेषताएँ

  • इन्वार मिसाइलें मुख्य रूप से T-90 टैंकों से लॉन्च की जाती हैं और शत्रु टैंकों तथा बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए उपयोग की जाती हैं।
  • इनकी मारक दूरी लगभग 5 किलोमीटर तक होती है।
  • यह मिसाइलें दिन और रात, सभी प्रकार के मौसम में काम करने में सक्षम हैं।
  • यह टॉप अटैक मोड में भी हमला कर सकती हैं, जिससे शत्रु के टैंकों की छत को भेदा जा सकता है।
  • इन्वार मिसाइलें तेज प्रतिक्रिया बलों, इन्फैंट्री यूनिट्स और हवाई सैनिकों के लिए बहुत उपयोगी मानी जा रही हैं।

खरीद प्रक्रिया और स्वीकृति

चूंकि यह सौदा ₹3,000 करोड़ से अधिक का है, इसलिए इसे अंतिम रूप देने से पहले कैबिनेट सुरक्षा समिति (Cabinet Committee on Security – CCS) की स्वीकृति आवश्यक है। रक्षा मंत्रालय इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर रहा है।

T-90 टैंकों के साथ INVAR मिसाइलों की तैनाती से भारत की कवच युक्त युद्ध क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।


स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं के साथ तालमेल

भारत पहले से ही कई स्वदेशी एंटी-टैंक मिसाइल परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है, जैसे:

  • HELINA (हेलिना) – हेलिकॉप्टर से दागी जाने वाली एंटी-टैंक मिसाइल
  • ध्रुवास्त्र – ज़मीन से दागी जाने वाली उच्च तकनीक मिसाइल

ये दोनों मिसाइलें DRDO द्वारा विकसित की गई हैं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का प्रतिनिधित्व करती हैं।


सैन्य उपयोग और सामरिक लाभ

इन्वार मिसाइलें विशेष रूप से निम्नलिखित बलों को लाभ देंगी:

  • Quick Reaction Forces (QRF) – त्वरित प्रतिक्रिया बल
  • Infantry units with mechanized support – यंत्रीकृत सहयोग वाली पैदल सेना
  • Airborne troops – हवाई सैनिकों के लिए

इन मिसाइलों की तीव्र प्रतिक्रिया क्षमता और सटीकता उन्हें आधुनिक युद्धक्षेत्र में निर्णायक हथियार बनाती है।


निष्कर्ष

भारत द्वारा भारत डायनामिक्स लिमिटेड से 500 इन्वार मिसाइलों की खरीद न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करेगी, बल्कि यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना के अनुरूप है, और यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय सशस्त्र बलों के पास आधुनिक, विश्वसनीय और विनाशकारी हथियार प्रणालियाँ उपलब्ध हों।

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