जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में दो लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी जिंदा पकड़े गए
जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। जिले के बास्कुचान क्षेत्र में छिपे हुए दो लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के सक्रिय आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर जिंदा पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
गोपनीय सूचना के आधार पर, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दल ने बास्कुचान गांव में सघन तलाशी अभियान चलाया। सटीक खुफिया जानकारी के चलते, सुरक्षाबलों ने संदिग्ध स्थान की घेराबंदी की और बिना गोली चलाए आतंकवादियों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।
पकड़े गए आतंकवादियों की पहचान इरफान बशीर और उसैर सलाम के रूप में हुई है। दोनों आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए हैं और पिछले कुछ महीनों से दक्षिण कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे।
सुरक्षा बलों ने इनके कब्जे से दो AK-56 असॉल्ट राइफलें, दो हैंड ग्रेनेड, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। ये सामग्री इस बात का संकेत देती है कि दोनों आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना में थे, जिसे सुरक्षाबलों ने समय रहते नाकाम कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आतंकवादियों से पूछताछ की जा रही है। उनसे स्थानीय नेटवर्क, पाकिस्तान स्थित हैंडलर, हथियारों की आपूर्ति और संभावित आतंकी साजिशों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। शुरुआती जानकारी से पता चला है कि वे पाकिस्तान में प्रशिक्षित हुए थे और कश्मीर में युवाओं को आतंकवाद की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे थे।
हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में फिर से तेजी देखी गई है, खासकर दक्षिणी जिलों में। इसके चलते सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में आतंकियों की तलाश और उन्हें खत्म करने के लिए लगातार अभियान चला रखे हैं।
इस गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी कामयाबी मान रही हैं। आतंकियों को जिंदा पकड़ने से न केवल जान-माल की क्षति से बचाव होता है, बल्कि उनकी गिरफ्तारी से मिलने वाली खुफिया जानकारी अन्य नेटवर्क को भी उजागर कर सकती है।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है। क्षेत्र में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों की वजह से आम जनजीवन बाधित हो रहा था। इस ऑपरेशन से लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और युवाओं को आतंकवाद के रास्ते से दूर रखें। शोपियां, पुलवामा, कुलगाम जैसे जिलों में ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।