यूक्रेन का ड्रोन हमला: रूस के 40 से अधिक लड़ाकू विमान तबाह

यूक्रेन का ड्रोन हमला: रूस के 40 से अधिक लड़ाकू विमान तबाह

साल 2022 के फरवरी महीने से चल रहा रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब और अधिक गंभीर और तकनीकी रूप से उन्नत रूप में बदल चुका है। हाल ही में, यूक्रेन ने रूस के चार प्रमुख वायुसेना अड्डों—बेलाया, ओलेन्या, ड्यागिलेवो और इवानोवो—पर एक साथ ड्रोन हमले कर, रूसी वायु शक्ति को भारी क्षति पहुँचाई है।

संगठित और सुनियोजित हमला

यूक्रेनी सेना ने जानकारी दी है कि उन्होंने सैकड़ों ड्रोन एक साथ उड़ाकर रूसी वायुसेना अड्डों पर बमवर्षा की। ये हमले एक ही समय पर चार अलग-अलग ठिकानों पर किए गए। विशेष रूप से, बेलाया वायुसेना अड्डा यूक्रेन से लगभग 4,700 किलोमीटर और ओलेन्या अड्डा लगभग 2,000 किलोमीटर दूर स्थित हैं। इतनी दूर तक ड्रोन भेज पाना यूक्रेन की तकनीकी क्षमता का एक बड़ा उदाहरण है।

इन हमलों में यूक्रेन ने फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन का उपयोग किया, जो एक बार में 3,000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकते हैं। इन ड्रोन को पहले मालवाहक ट्रकों के जरिए रूसी सीमा में पहुंचाया गया और फिर वहीं से लॉन्च किया गया।

भारी नुकसान

यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में 40 से अधिक रूसी लड़ाकू विमान जलकर राख हो गए। साथ ही, रूस को लगभग ₹17,000 करोड़ (2 बिलियन डॉलर) का नुकसान हुआ है। यह हमला केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टिकोण से भी रूस के लिए एक बड़ा झटका है। ये विमान उन हमलों में उपयोग किए जा रहे थे, जिनसे रूस रोजाना यूक्रेन के नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा था।

तकनीक आधारित युद्ध की नई दिशा

यह हमला आधुनिक युद्ध में तकनीक के बढ़ते उपयोग को दर्शाता है। बिना सैनिक भेजे, केवल ड्रोन के माध्यम से इतनी दूर तक हमला कर, इतनी बड़ी क्षति पहुँचाना दिखाता है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप पूरी तरह से बदल सकता है। यूक्रेन की इस रणनीति से यह साफ है कि छोटी सेना भी उच्च तकनीक और योजना से बड़ी ताकत को चुनौती दे सकती है।

निष्कर्ष

रूस-यूक्रेन युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से बाहर निकल चुका है। यूक्रेन द्वारा किए गए इस बड़े ड्रोन हमले से यह साफ हो गया है कि आधुनिक युद्धों में तकनीक निर्णायक भूमिका निभा रही है। रूस के चार प्रमुख वायुसेना अड्डों को एक साथ निशाना बनाकर, यूक्रेन ने न केवल जवाबी हमला किया, बल्कि अपनी क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया है।

इस हमले से रूस को सामरिक रूप से झटका तो लगा ही है, साथ ही यह दुनिया के लिए चेतावनी भी है कि भविष्य के युद्ध अब ड्रोन और स्मार्ट हथियारों से लड़े जाएंगे।

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