उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही: धाराली गांव में 4 की मौत, कई लापता

उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही: धाराली गांव में 4 की मौत, कई लापता

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को बादल फटने से आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 भारतीय सेना के जवानों समेत कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।

धाराली गांव सबसे ज्यादा प्रभावित

करीब दोपहर 1:45 बजे, हरसिल में स्थित सेना के कैंप से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर यह घटना घटी। दो जगहों — धाराली और सुखी टॉप — में बादल फटने से पूरे इलाके में तबाही फैल गई। इसके साथ ही भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं।

भयावह वीडियो सामने आए हैं जिनमें बाढ़ का पानी गांव में बने घरों, होटलों, दुकानों, पेड़ों, गाड़ियों और हर चीज को बहाकर ले जाता दिख रहा है। “पहले और बाद” की तस्वीरों से साफ होता है कि जहां पहले घर, जंगल और पेड़ थे, अब वहां सिर्फ मलबा और बर्बादी नजर आ रही है।

हादसे में नुकसान

  • अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि।
  • 11 सैनिक लापता, कई अन्य नागरिकों की भी खोजबीन जारी।
  • अब तक 130 लोगों को बचाया जा चुका है।

भारतीय सेना के जवान लापता

रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, सेना की Ibex ब्रिगेड के 11 जवान लापता हैं। बावजूद इसके कि सेना का बेस खुद इस आपदा में प्रभावित हुआ है, बचाव कार्य बिना रुके जारी है

सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को राहत कार्यों में लगाया जा रहा है।

राहत व बचाव कार्य तेज़ी से जारी

बचाव कार्यों में निम्नलिखित एजेंसियां जुटी हुई हैं:

  • भारतीय सेना
  • आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police)
  • एनडीआरएफ (National Disaster Response Force)
  • एसडीआरएफ (State Disaster Response Force)

भारतीय वायुसेना ने चिनूक, Mi-17 V5, ALH और चीता हेलिकॉप्टरों को चंडीगढ़ एयरबेस पर तैयार रखा है। मौसम साफ होते ही ये राहत सामग्री और उपकरण लेकर उड़ान भरेंगे।

राज्य सरकार ने अधिकारी स्तर पर भी अतिरिक्त आईएएस और पुलिस अधिकारियों को राहत समन्वय के लिए तैनात किया है।

कर्नल हर्षवर्धन, जो कि 14 राजपूत राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर हैं, 150 जवानों की टीम के साथ राहत और बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं, भले ही खुद उनकी यूनिट भी इस आपदा से प्रभावित हुई हो।

मुख्यमंत्री धामी और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश से लौटते ही राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, देहरादून पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बहाल करना प्राथमिकता है और इस पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (ट्विटर) पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा:

“धाराली, उत्तरकाशी में बादल फटने से आई त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली है। राहत और बचाव कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।”

उत्तराखंड में बारिश का खतरा बना हुआ है

राज्य के कई हिस्सों में अब भी तेज बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है, खासकर पहाड़ी जिलों में।

स्थिति को देखते हुए:

  • उत्तरकाशी जिले में सभी सरकारी, निजी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बुधवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
  • लाउडस्पीकरों से घोषणाएं कर ग्रामीणों से कहा जा रहा है कि वे नदियों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें।
  • हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पुलिस ने लोगों से घाटों पर न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।

रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है, क्योंकि हरिद्वार-मोतीचूर रेल सेक्शन में ट्रैक पर बड़ा पत्थर गिर गया था। रेल विभाग का कहना है कि यात्रा जल्द बहाल की जाएगी।


धाराली और आसपास के इलाके में भारी तबाही के बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। सेना, वायुसेना और आपदा एजेंसियां मिलकर चुनौतीपूर्ण हालात में लापता लोगों की तलाश और ज़रूरतमंदों की मदद कर रही हैं।

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