नज़र उतारने के लिए सफेद कद्दू का प्रयोग – पौराणिकता, वैज्ञानिकता और परंपरा

नज़र उतारने के लिए सफेद कद्दू का प्रयोग – पौराणिकता, वैज्ञानिकता और परंपरा

भारत में हर क्रिया, वस्तु और परंपरा के पीछे गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सोच छिपी होती है। विशेष रूप से नज़र दोष (दृष्टि दोष) हटाने के लिए सफेद कद्दू (जिसे दक्षिण भारत में “வெண்பூசணி” कहा जाता है और हिंदी में “सफेद कद्दू” या “राखी लौकी” कहा जाता है) का प्रयोग एक बहुत ही आम परंतु गूढ़ अर्थ रखने वाला कार्य है।


क्यों सिर्फ सफेद कद्दू?

कई सब्ज़ियाँ होने के बावजूद नज़र उतारने के लिए सिर्फ सफेद कद्दू ही क्यों इस्तेमाल किया जाता है? इसका उत्तर न केवल हमारी संस्कृति में छुपा है, बल्कि इसके पीछे पौराणिक और ऊर्जात्मक कारण भी हैं।

जब किसी को नज़र लगती है—चाहे वह किसी की तरक्की हो, नए मकान में प्रवेश, शादी, संतान की सुंदरता या व्यवसाय में सफलता—तो यह माना जाता है कि दूसरे की ईर्ष्यात्मक ऊर्जा उसे प्रभावित कर सकती है। इस ऊर्जा को हटाने के लिए सफेद कद्दू का प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसमें नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने और वातावरण को शुद्ध करने की अद्भुत क्षमता होती है।


पौराणिक कथा: कूष्माण्ड असुर की कहानी

पुराणों के अनुसार, एक कूष्माण्ड नामक राक्षस था जो देवताओं को सताया करता था। जब यह कष्ट असहनीय हो गया, तो देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता मांगी।

भगवान विष्णु ने उस असुर से युद्ध किया और उसे पराजित कर दिया। मृत्यु के समय कूष्माण्ड ने वर माँगा कि, “मैं मरने के बाद भी दूसरों के काम आ सकूं।” भगवान विष्णु ने उसे वरदान दिया कि वह सफेद कद्दू के रूप में जन्म लेगा और दूसरों की नज़र (दृष्टि दोष) को दूर करने में सहायक बनेगा।

इसी कारण सफेद कद्दू को आज भी नज़र दोष हटाने के लिए उपयोग किया जाता है।


जीवन शक्ति से भरपूर सब्ज़ी

सफेद कद्दू को आयुर्वेद और योग में अत्यधिक प्राण शक्ति (life-force energy) वाली सब्ज़ियों में गिना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को भी संतुलित करता है।

विदेशों में भी यह सब्ज़ी सूप, स्टू और जूस में उपयोग की जाती है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक, पाचन में सुधार और तनाव से मुक्ति देती है।


नए मकान में कद्दू लटकाने की परंपरा

आपने देखा होगा कि नए मकान में प्रवेश (गृह प्रवेश) के समय, या किसी दुकान, ऑफिस के सामने एक सफेद कद्दू को काला करके दरवाजे पर लटकाया जाता है। इसका कारण यह है कि आने-जाने वालों की नजर घर या व्यवसाय पर न लगे।

यह कद्दू घर के बाहर ऊर्जा के एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह आस-पास के वातावरण से बुरी ऊर्जा या नकारात्मक विचार तरंगों को खींच लेता है और घर को सुरक्षित रखता है।


नज़र उतारने की सही विधि

सफेद कद्दू से नज़र उतारने की परंपरा में कुछ खास विधियाँ होती हैं:

कद्दू को काटना नहीं चाहिए

बहुत से लोग कद्दू के ऊपर से काटकर उसमें कुमकुम, सिक्के या अन्य वस्तुएँ डालते हैं। यह गलत है क्योंकि कद्दू की आंतरिक ऊर्जा इस प्रकार नष्ट हो जाती है और यह नज़र उतारने के लिए प्रभावी नहीं रह जाता।

चारों दिशाओं से कद्दू के ऊपर से गुजरना

व्यक्ति को ज़मीन पर रखे कद्दू के ऊपर से दक्षिणा पाद (दाहिना पैर) आगे रखते हुए चारों दिशाओं से क्रमशः पार करना चाहिए। इससे चारों दिशाओं की नकारात्मक ऊर्जा कद्दू में समाहित हो जाती है।

घुमाकर फोड़ना

इसके बाद कद्दू को व्यक्ति के ऊपर से तीन बार घुमाया जाता है, और फिर उसे घर के बाहर या किसी वीरान जगह पर तोड़ दिया जाता है। जब कद्दू के बीज बिखरते हैं, तो यह संकेत होता है कि नकारात्मकता नष्ट हो चुकी है और नया, शुद्ध चरण शुरू हो गया है।


अमावस्या पर विशेष प्रभाव

अमावस्या (new moon) के दिन नज़र उतारना अत्यधिक प्रभावी माना जाता है। चंद्रमा की ऊर्जा उस दिन न्यूनतम होती है और नकारात्मक शक्तियाँ प्रभावशाली होती हैं। ऐसे में कद्दू से नज़र उतारना एक ऊर्जात्मक सुरक्षा कवच प्रदान करता है।


बीजों का बिखरना – नया जीवन

जब कद्दू को तोड़ा जाता है और उसके बीज चारों ओर फैल जाते हैं, तो यह दर्शाता है कि नकारात्मकता का अंत और नई सकारात्मक शुरुआत हो रही है। बीज हमेशा प्रजनन, वृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माने जाते हैं।

इसलिए जब भी कोई शुभ कार्य जैसे—शादी, गृह प्रवेश, नामकरण, व्यापार आरंभ किया जाता है, तब पहले सफेद कद्दू से नज़र उतारने की परंपरा निभाई जाती है।


धार्मिक दृष्टि से सफेद कद्दू का दान

कई पुराणों और लोक परंपराओं में यह कहा गया है कि गरीबों को सफेद कद्दू का दान देना पुण्यदायी होता है। यह न केवल एक पौष्टिक वस्तु है बल्कि आध्यात्मिक रूप से शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ होता है।


निष्कर्ष

सफेद कद्दू सिर्फ एक सब्ज़ी नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति में यह एक ऊर्जात्मक रक्षा कवच, पवित्र वस्तु और आध्यात्मिक साधन के रूप में देखा जाता है।

चाहे पौराणिक कहानियाँ हों, आयुर्वेदिक चिकित्सा हो, वास्तु शास्त्र या घर की सुरक्षा—हर दृष्टिकोण से यह साबित होता है कि सफेद कद्दू में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और जीवन को नयी शुरुआत देने की शक्ति है।

इसलिए अगली बार जब भी आप सफेद कद्दू को घर के बाहर लटकते या फूटते हुए देखें, तो समझ लीजिए कि वह केवल सब्ज़ी नहीं, बल्कि एक अदृश्य ढाल की तरह आपके और आपके परिवार की रक्षा कर रहा है।

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