भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई का जम्मू-कश्मीर की जनता ने स्वागत किया

भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई का जम्मू-कश्मीर की जनता ने स्वागत किया

पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन भारत में हमले करते आ रहे हैं। हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ हमला, देश को झकझोर देने वाला था। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए और सौ से अधिक घायल हो गए। इस क्रूर हमले की जिम्मेदारी ‘द रेसिस्टेंट फ्रंट’ नामक आतंकवादी संगठन ने ली, जो पाकिस्तान स्थित ‘लश्कर-ए-तैयबा’ का ही एक सहयोगी संगठन है।

इस वीभत्स घटना के बाद भारत भर में गुस्सा और दुख की लहर फैल गई। आम जनता ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आश्वासन दिया कि इस कायराना हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।

इसके बाद 6 मई की मध्य रात्रि को भारतीय सेना ने एक सटीक और साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान की सीमा के भीतर स्थित आतंकी ठिकानों पर केंद्रित थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में कई आतंकवादी ठिकाने तबाह हो गए। भारतीय सेना के सभी जवान सुरक्षित लौट आए, जिससे पूरे देश को राहत मिली।

भारतीय सेना की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर के लोगों ने दिल खोलकर समर्थन दिया और जश्न मनाया। “भारतीय सेना जिंदाबाद”, “भारत माता की जय” जैसे नारे लगाते हुए लोग सड़कों पर उतर आए। यह दृश्य दर्शाता है कि अब वहां के लोग भी आतंकवाद से आज़ादी और शांति चाहते हैं।

पहले जहां इन इलाकों के लोग डर और सशंकाओं में जीते थे, अब वही लोग देशभक्ति और आत्मविश्वास के साथ खड़े हो रहे हैं। सेना की निर्णायक कार्रवाई और सरकार के सख्त रुख ने लोगों को यह विश्वास दिलाया है कि वे अकेले नहीं हैं — पूरा देश उनके साथ है।

यह जवाबी हमला न केवल आतंकवादियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह दर्शाता है कि भारत अपनी जनता की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। यह एक स्पष्ट संदेश है कि निर्दोष नागरिकों की हत्या का हर हाल में बदला लिया जाएगा।

देशभर से इस कार्रवाई के लिए भारतीय सेना को सराहना मिल रही है। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लोगों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि वहां अब बदलाव की लहर है। आतंक के खिलाफ यह एकता और साहस, भारत को और भी मजबूत बनाएगा।

अंततः, यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह न्याय, साहस और एकजुटता की मिसाल है। यह पूरे देश को यह विश्वास दिलाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और रहेगा।

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