जनरल असीम मुनीर: पाकिस्तान के सेना प्रमुख और कश्मीर मुद्दा
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। इस स्थिति के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कश्मीर को लेकर उनका रुख आक्रामक है और उन्होंने भारत के खिलाफ उकसावे वाली नीति अपनाई है।
असीम मुनीर कौन हैं?
जनरल असीम मुनीर एक धार्मिक परिवार से आते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के मिलिट्री अकादमी से ट्रेनिंग प्राप्त की और 1986 में सेना में भर्ती हुए। वह ISI (इंटर-सर्विसेस इंटेलिजेंस) के प्रमुख भी रह चुके हैं, लेकिन सिर्फ 8 महीनों में इस पद से हटा दिए गए। 2022 में, जब पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तब उन्हें सेना प्रमुख बनाया गया। तब से वह देश की सबसे ताकतवर शख्सियतों में से एक बन गए हैं।
कश्मीर के प्रति उनका रवैया
पाकिस्तान की सेना हमेशा कश्मीर मुद्दे पर सख्त रुख अपनाती आई है। असीम मुनीर भी इससे अलग नहीं हैं। पाकिस्तान के स्कूलों में बच्चों को यही सिखाया जाता है कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा है और भारत का इस पर कोई अधिकार नहीं है। असीम मुनीर इस मानसिकता को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद, कश्मीर में तेजी से विकास हुआ है। सड़कें, बिजली, शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों ने वहां के लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया है। आतंकवादियों की भर्ती में भी भारी गिरावट आई है। आज कश्मीर में मात्र 80 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें से सिर्फ 18 स्थानीय हैं।
असीम मुनीर की भड़काऊ बयानबाज़ी
5 फरवरी को मुजफ्फराबाद में ‘कश्मीर एकता दिवस’ पर जनरल असीम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान अगर ज़रूरत पड़ी तो कश्मीर के लिए 10 और युद्ध लड़ने को तैयार है। इस सभा में पहली बार हमास और हिज़्बुल्ला जैसे आतंकी संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया। इससे यह साफ हुआ कि मुनीर कश्मीर को “इस्लाम बनाम हिंदू” संघर्ष में बदलना चाहते हैं।
एक और सम्मेलन में उन्होंने कहा, “हम हिंदुओं से धर्म, जीवनशैली और सोच में बिल्कुल अलग हैं”, जो सीधा सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाला बयान था।
पहलगाम हमला और भारत की प्रतिक्रिया
पहलगाम हमले में जब 26 निर्दोष लोगों की हत्या की गई, तब भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी है। यह हमला सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि कश्मीर की शांति और प्रगति को रोकने की कोशिश है।
निष्कर्ष
जनरल असीम मुनीर की रणनीतियाँ पाकिस्तान के लिए घातक सिद्ध हो रही हैं। उनकी आक्रामक नीतियाँ भारत-पाक संबंधों को और खराब कर रही हैं और पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर रही हैं। उनका नेतृत्व पाकिस्तान को विनाश की ओर धकेल रहा है, जबकि भारत कश्मीर को शांति और विकास के रास्ते पर आगे ले जा रहा है।