पाकिस्तानी अपराधी से जुड़ी अमेरिकी कंपनी ने पहलगाम आतंकी हमले से पहले भेजी हाई-रिज़ोल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें – चौंकाने वाला खुलासा

पाकिस्तानी अपराधी से जुड़ी अमेरिकी कंपनी ने पहलगाम आतंकी हमले से पहले भेजी हाई-रिज़ोल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें – चौंकाने वाला खुलासा

एक चौंकाने वाली रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एक अमेरिकी सैटेलाइट इमेजिंग कंपनी, जो पाकिस्तानी अपराधी से जुड़ी है, ने जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों—विशेषकर पहलगाम—की हाई-रिज़ोल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें भारत में आतंकी हमले से कुछ दिन पहले प्रदान की थीं। यह हमला 21 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए।

आज के दौर में सैटेलाइट निगरानी रक्षा और खुफिया एजेंसियों की रीढ़ बन चुकी है। हथियारों की फैक्ट्रियों, ढांचागत निर्माण, सेना की गतिविधियों, तस्करी और सीमा पार घुसपैठ पर नजर रखने के लिए दुनिया भर के देश हाई-रिज़ोल्यूशन सैटेलाइट इमेजेस का इस्तेमाल करते हैं। इन इमेजेस की गुणवत्ता इतनी उच्च होती है कि ज़मीन पर चलते लोगों की पहचान तक संभव हो जाती है।

इन सैटेलाइट इमेजिंग कंपनियों में अग्रणी नाम है मैक्सर टेक्नोलॉजीज़ (Maxar Technologies)। यह कंपनी उन्नत पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों का संचालन करती है और इसके ग्राहक दुनिया के कई देश हैं, जिनमें भारत का रक्षा मंत्रालय, ISRO और कई निजी स्पेस-टेक स्टार्टअप्स शामिल हैं।

फरवरी 2 से 22, 2025 के बीच, मैक्सर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम, अनंतनाग, पूंछ, राजौरी और बारामुला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की उच्च-रिज़ोल्यूशन तस्वीरों के ऑर्डर मिले। खास बात यह है कि 12 अप्रैल को, यानी आतंकी हमले से 10 दिन पहले, पहलगाम की ताज़ा इमेजिंग का ऑर्डर भी मैक्सर को दिया गया था।

अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन तस्वीरों का उपयोग हमले की योजना बनाने के लिए किया गया? इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खुफिया एजेंसियां इस पर गहराई से जांच कर रही हैं।

मामले को और संदिग्ध बनाता है मैक्सर का पाकिस्तानी कंपनी “बिज़नेस सिस्टम्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड” (BSI) के साथ 2024 में किया गया समझौता। इस कंपनी का नेतृत्व करता है ओबैदुल्ला सैयद, जो अमेरिकी अदालत में अवैध निर्यात और झूठे दस्तावेज पेश करने के आरोप में दोषी पाया गया है। वह पाकिस्तान के परमाणु ऊर्जा आयोग (PAEC) को प्रतिबंधित उपकरण निर्यात करने में शामिल था और 366 दिनों की सजा पा चुका है।

BSI पाकिस्तान में मैक्सर की सैटेलाइट तस्वीरों का वितरण करता है, जो मैक्सर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक रूप से दिखाया गया है। इस तरह की साझेदारी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

इसके अलावा, मैक्सर के आंकड़े दिखाते हैं कि हमले से पहले पहलगाम क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियाँ और तैनातियाँ काफी बढ़ गई थीं। इससे संदेह और भी गहरा होता है कि इन तस्वीरों का उपयोग आतंकी योजना के लिए किया गया हो सकता है।

यह घटना न केवल खुफिया सुरक्षा पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि निजी सैटेलाइट डेटा के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त नियमों की जरूरत है।

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