पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलें हमारी बराबरी की नहीं हैं – प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर वायुसेना अड्डे पर एक साहसिक और आत्मविश्वास से भरा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने भारत की रक्षा क्षमताओं और सैन्य शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलें भारत की सैन्य ताकत के सामने टिक नहीं सकतीं। यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से खतरे और आतंकवाद की चुनौतियाँ अब भी बनी हुई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंधु का उल्लेख करते हुए बताया कि इस विशेष अभियान में भारत ने 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। उन्होंने गर्व से बताया कि सिर्फ 20 मिनट के भीतर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। यह भारतीय वायुसेना की तेज रणनीति, सटीक योजना और उत्कृष्ट प्रशिक्षण का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की भी प्रशंसा की, जिसे भारत ने रूस से प्राप्त किया है। यह प्रणाली भारत की हवाई सुरक्षा को अभूतपूर्व रूप से मजबूत बनाती है। एस-400 प्रणाली दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइलों को लंबी दूरी से पहचान कर उन्हें नष्ट करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भारत के लिए एक बड़ी ताकत बन चुकी है, जो हमारी सीमाओं को हर दिशा से सुरक्षित रखने में सहायक है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना – तीनों सेनाओं के वीर जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा देश अपने सशस्त्र बलों का ऋणी है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की है और हर मुश्किल घड़ी में खड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जवानों का साहस, समर्पण और अनुशासन ही भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाता है।
प्रधानमंत्री के इस भाषण ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आज का भारत पहले की तरह प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं है, बल्कि अब हम proactively यानी पहले से तैयारी करके ही शत्रु को जवाब देते हैं। भारत अब आधुनिक हथियारों, तकनीकी क्षमताओं और दृढ़ राजनीतिक नेतृत्व से लैस एक मजबूत सैन्य शक्ति बन चुका है।
इस भाषण ने न केवल देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया, बल्कि दुनिया को यह संकेत भी दिया कि भारत की रक्षा-नीति अब आत्मरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हमले से पहले ही खतरे को समाप्त करने की रणनीति पर काम करती है।
अंततः, प्रधानमंत्री मोदी का यह वक्तव्य भारतीय जनता के मन में गर्व, भरोसा और सुरक्षा की भावना भर देता है। यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रतीक है – एक ऐसा भारत जो अब अपनी सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है।