केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश में 3,700 करोड़ रुपये के सेमीकंडक्टर संयंत्र को मंजूरी दी

उत्तर प्रदेश में 3,700 करोड़ रुपये के निवेश से नई सेमीकंडक्टर फैक्ट्री स्थापित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में मंजूरी दी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया, जैसा कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया।

यह नई फैक्ट्री दो प्रमुख कंपनियों, HCL और फॉक्सकॉन (Foxconn) के संयुक्त प्रयास से स्थापित की जाएगी। इस फैक्ट्री में मोबाइल फोन, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आवश्यक डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण किया जाएगा। डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के डिस्प्ले की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करते हैं और इसके प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं।

मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह फैक्ट्री 2027 तक काम करना शुरू कर देगी और सालाना 3.6 करोड़ चिप्स का उत्पादन करेगी। यह भारत के तकनीकी क्षेत्र के लिए एक बड़ा विकास है।

यह निवेश उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति और रोजगार सृजन में सहायक होगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सेमीकंडक्टर विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी घटकों में से एक हैं, और इस तरह का निवेश भारत की उत्पादन क्षमता को काफी बढ़ाएगा।

यह परियोजना भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत आती है, जिसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है। मोबाइल और कंप्यूटर निर्माता कंपनियों को आवश्यक चिप्स स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से भारत का उत्पादन क्षेत्र अधिक आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनेगा।

इसके अतिरिक्त, इस सेमीकंडक्टर फैक्ट्री के माध्यम से नई तकनीकों का विकास होगा और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां बढ़ेंगी, जो भारत को वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी देशों में स्थापित करने में मदद करेगा।

कुल मिलाकर, यह निर्णय औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करेगा, निवेश का माहौल सुधरेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और भारत की माइक्रोचिप उत्पादन क्षमता विश्व स्तर पर बढ़ेगी।

यह उपलब्धि भारत की तकनीकी स्वतंत्रता और आर्थिक प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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