तिरुपति के एझुमलयान मंदिर को प्रसाद के रूप में बनने वाली लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट का मामला हाल ही में चर्चा में आया था। इस संदर्भ में तिन्डुक्कल के एक कंपनी, ए.आर. डेयरी फूड्स, पर आरोप लगा कि उन्होंने जो घी सप्लाई किया था उसमें पशु वसा मिलाई गई है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 14 फरवरी को आदेश जारी कर इस कंपनी के लाइसेंस को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के खिलाफ कंपनी ने चेन्नई उच्च न्यायालय के मदुरै बेंच में याचिका दायर की।
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मी नारायणन की कोर्ट में यह मामला सुना गया और अदालत ने खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण द्वारा निलंबन का आदेश रद्द कर दिया। साथ ही कंपनी को अपना लाइसेंस वापस मिलने का आदेश दिया गया।
इस न्यायालयीन आदेश से तिरुपति के प्रसाद लड्डू के लिए उपयोग किए जाने वाले घी की गुणवत्ता फिर से सुनिश्चित हुई है। यह न केवल मंदिर और उसके प्रसाद के सम्मान की बात है, बल्कि खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की भी पुष्टि करता है।
यह मामला खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा और इस प्रकार के किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताता है।