ऑपरेशन सिंधुर की सफलता केवल एक सैन्य जीत नहीं है, बल्कि यह भारत की सुरक्षा क्षेत्र की उन्नत तकनीकी क्षमताओं की बड़ी उपलब्धि है। DRDO, ISRO और अन्य राष्ट्रीय तकनीकी संस्थानों की अथक मेहनत और सहयोग का परिणाम है कि इस अभियान ने पूरी दुनिया को भारतीय सुरक्षा तकनीक की ताकत का अहसास कराया है।
ऑपरेशन सिंधुर के बाद पाकिस्तान ने पश्चिमी सीमा के 26 इलाक़ों में लगातार हमले शुरू किए। खासकर, पाकिस्तान ने भारतीय वायु क्षेत्र का उल्लंघन कर ड्रोन और मिसाइलों के संयुक्त हमले किए। लेकिन भारत की वायु सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर “आकाशतीर” तकनीक के दम पर, इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया। पाकिस्तान की कोई भी कोशिश भारत के किसी हिस्से को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हुई।
“आकाशतीर” भारत की पूरी तरह से स्वदेशी विकसित वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें DRDO, ISRO और BEL जैसी संस्थाएं मिलकर काम करती हैं। इसमें किसी भी विदेशी घटक या सेटेलाइट का इस्तेमाल नहीं हुआ है, इसलिए इसे विश्व का पहला पूर्णतः स्वदेशी AI संचालित युद्ध नेटवर्क माना जाता है।
आकाशतीर प्रणाली दुश्मन के विमान, ड्रोन और मिसाइलों का पता लगाकर उन्हें ट्रैक करती है और तेजी से नष्ट कर देती है। यह कई राडार, सेंसर और कम्युनिकेशन तकनीकों को एकीकृत कर युद्ध क्षेत्र का वास्तविक समय में वायु स्थिति प्रदान करती है। इसमें ISRO का NAVIC सेटेलाइट सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह प्रणाली वायु खतरों के प्रति तीव्र, सटीक और एकीकृत प्रतिक्रिया देती है।
AI आधारित आकाशतीर प्रणाली एक समय में सैकड़ों दुश्मन मिसाइलों और ड्रोन को पहचान कर उन्हें प्रभावी रूप से रोक सकती है। यह कम-ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों का भी पता लगा कर त्वरित कार्रवाई करती है और जमीन आधारित वायु रक्षा हथियारों को कुशलता से नियंत्रित करती है। साथ ही, बिना मानव ऑपरेटर की मदद के हमले को समन्वयित करने वाली ड्रोन तकनीक के जरिए दुश्मन के हवाई मार्ग बदलने की भी क्षमता रखती है।
इस तकनीकी विकास ने भारत को अमेरिका और यूरोप के अलावा पहली ऐसी देश बना दिया है, जिसने स्वदेशी सेटेलाइट निगरानी और AI संचालित युद्ध समन्वय को युद्धक्षेत्र में सफलतापूर्वक लागू किया है। संक्षेप में, आकाशतीर प्रणाली किसी भी समय, किसी भी गति से, कितनी भी बड़ी संख्या में हमले आएं, उन्हें जल्दी से देखती, निर्णय लेती और जवाब देती है।
कुल मिलाकर, ऑपरेशन सिंधुर की सफलता भारतीय सुरक्षा बलों की तकनीकी प्रगति और क्षमता का प्रतीक है। आकाशतीर प्रणाली की मदद से भारत ने अपनी वायु सीमाओं की रक्षा में न केवल खुद को सक्षम बनाया है, बल्कि दुश्मनों के किसी भी हमले को प्रभावी ढंग से रोकने में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। यह भारत के आत्मविश्वास और तकनीकी उन्नति का गर्वित उदाहरण है।