अहमदाबाद विमान दुर्घटना: मेडिकल कॉलेज छात्रावास पर गिरा विमान का अगला हिस्सा
12 जून 2025 को दोपहर में, गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक भीषण विमान दुर्घटना हुई जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विमान का अगला हिस्सा (नाक का भाग) बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास की छत पर गिर गया।
इस बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य सवार थे। दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरने के ठीक 5 मिनट बाद, विमान एयरपोर्ट से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक रिहायशी क्षेत्र में गिरा।
घटना का विवरण और तत्काल प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने एक जोरदार धमाके की आवाज़ सुनी, जिसके बाद आसमान से मलबा गिरता हुआ देखा गया। विमान का अगला हिस्सा छात्रावास की इमारत की छत से टकराया, जिससे ऊपरी मंज़िल का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। विमान के अन्य हिस्से आसपास की सड़कों और घरों पर गिर गए।
घटना की सूचना मिलते ही, दमकल विभाग, पुलिस और आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुँचीं और 2–3 मिनट के भीतर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग 70-80% बचाव कार्य कुछ ही समय में पूरा कर लिया गया।
घायलों को निकटवर्ती अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, और क्षेत्र में ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर एंबुलेंस के आवागमन को सुगम बनाया गया।
मृतकों और घायलों की स्थिति
हालांकि अधिकारिक संख्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है, प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कम से कम 25 लोगों की मौत की आशंका है, जिनमें विमान के क्रू सदस्य और हॉस्टल के कुछ छात्र शामिल हैं। 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
छात्रावास के अंदर कई छात्र उस समय आराम कर रहे थे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ी। कई छात्रों को मलबे के नीचे से निकालकर सुरक्षित बाहर लाया गया है।
संभावित कारण और जांच
विमान दुर्घटना के सटीक कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। लेकिन प्रारंभिक जानकारियों के अनुसार, हाइड्रोलिक प्रणाली में गड़बड़ी या केबिन प्रेशर की समस्या के चलते पायलट को विमान नियंत्रित करना मुश्किल हो गया होगा।
विमान का फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें विश्लेषण के लिए दिल्ली स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। इनके ज़रिए पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच हुई बातचीत और तकनीकी गड़बड़ियों का विवरण सामने आएगा।
सरकारी और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से तत्काल बात कर स्थिति का जायज़ा लिया। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि बचाव और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो और सभी ज़रूरी सहायता प्रदान की जाए।
नागरिक उड्डयन मंत्री स्वयं अहमदाबाद रवाना हो गए हैं ताकि राहत कार्यों की निगरानी कर सकें। इसी के साथ, अहमदाबाद एयरपोर्ट से सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है।
सरकार द्वारा एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है जो दुर्घटना के कारणों की जाँच करेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाएगी।
नागरिक और मीडिया की भूमिका
स्थानीय पुलिस ने आम नागरिकों और मीडियाकर्मियों से अपील की कि वे बचाव कार्यों में बाधा न डालें और अफवाहें न फैलाएं। सरकार की ओर से नियमित प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जा रही हैं, ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर #AhmedabadPlaneCrash और #AirIndia ट्रेंड करने लगे। लोग मृतकों के प्रति शोक और घायलों के लिए प्रार्थनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
विमानन सुरक्षा पर सवाल
इस दुर्घटना ने भारत में विमानन सुरक्षा और शहरी क्षेत्र में एयरपोर्ट के निकट रहने वाले इलाकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े शहरों में जहां रनवे के आसपास घनी आबादी है, वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतना ज़रूरी है।
विमानन विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि:
- विमानों की अधिक बार तकनीकी जांच हो
- पायलटों को आपात स्थिति से निपटने का उन्नत प्रशिक्षण मिले
- फ्लाइट टेकऑफ़ ट्रैजेक्टरी की समीक्षा की जाए
- रनवे के पास निर्माण कार्यों को नियंत्रित किया जाए
भविष्य की दिशा
एयर इंडिया ने इस दुर्घटना के बाद, अपनी सभी Boeing 787-8 ड्रीमलाइनर विमानों की विशेष जांच शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) भी अन्य एयरलाइनों को सतर्क रहने के निर्देश दे चुका है।
यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद, थोड़ी सी चूक भी विनाशकारी साबित हो सकती है — विशेषकर जब एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास भीड़भाड़ वाले इलाके हों।
निष्कर्ष
अहमदाबाद विमान हादसा एक हृदयविदारक त्रासदी है जिसने कई निर्दोष जानें लीं और पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यह दुर्घटना न केवल मानव जीवन की क्षति है, बल्कि यह एक सिस्टम की विफलता का संकेत भी है — जिसमें अब सुधार की सख्त ज़रूरत है।
उम्मीद की जाती है कि जांच निष्पक्ष और तेज़ी से होगी, और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएँ, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।