अहमदाबाद विमान दुर्घटना: ब्रिटिश प्रधानमंत्री की संवेदनाएं और समर्थन

अहमदाबाद विमान दुर्घटना: ब्रिटिश प्रधानमंत्री की संवेदनाएं और समर्थन

गुजरात के अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद एक भयंकर हादसे का शिकार हो गई। इस त्रासदी ने भारत और ब्रिटेन दोनों देशों को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि विमान में कई राष्ट्रीयताओं के यात्री सवार थे। घटना के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और ब्रिटिश संसद ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए भारत को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

दुर्घटना का विवरण

यह हादसा दोपहर 1:38 बजे हुआ, जब बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 यात्री सवार थे, जिनमें:

  • 169 भारतीय नागरिक
  • 53 ब्रिटिश नागरिक
  • 7 पुर्तगाली नागरिक
  • 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर आग की लपटें और काले धुएं का गुबार देखा गया। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए गए, लेकिन तब तक कई यात्रियों की जान जा चुकी थी।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस दुर्घटना पर X (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी संवेदना व्यक्त की।

“अहमदाबाद से लंदन की ओर जा रहा विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ — यह खबर अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली है। मैं लगातार जानकारी प्राप्त कर रहा हूँ। इस कठिन समय में मेरी प्रार्थनाएं यात्रियों और उनके परिजनों के साथ हैं,” उन्होंने लिखा।

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि ब्रिटेन भारत के साथ मिलकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा।

ब्रिटिश संसद में लूसी पॉवेल का वक्तव्य

हाउस ऑफ कॉमन्स में इस हादसे पर चर्चा हुई, जहां सांसद लूसी पॉवेल ने संवेदनात्मक भाषण दिया।

“यह त्रासदी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन में भी कई परिवारों को गहरे शोक में डाल गई है। संसद और सरकार की ओर से मैं गहरी संवेदना और सहयोग की भावना व्यक्त करती हूं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भारत और यहां पीड़ितों को आवश्यक सहायता मिल सके।”

ब्रिटेन की विदेश कार्यालय (Foreign Office) ने भी प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए एक आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम गठित की है।

जांच और राहत कार्य

एयर इंडिया और भारत सरकार ने संयुक्त रूप से इस दुर्घटना की गंभीर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में संभावना है कि इंजन में तकनीकी खराबी दुर्घटना का कारण बनी हो, लेकिन ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) से ही असल कारण सामने आएगा।

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा:

“यह राष्ट्रीय शोक का समय है। हम दुर्घटना के हर पहलू की गहराई से जांच करेंगे। ब्रिटेन समेत अन्य देशों से मिल रही सहानुभूति और सहायता के लिए हम आभारी हैं।”

हवाई अड्डा और विमान की जानकारी

सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अहमदाबाद के हंसोल क्षेत्र में स्थित है, और यह देश के सातवें सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है। वर्ष 2024–25 में इस हवाई अड्डे ने 1.30 करोड़ यात्रियों को सेवा दी, जो पिछले वर्ष से 14.8% की वृद्धि को दर्शाता है।

यहां से रोजाना औसतन 245 उड़ानें संचालित होती हैं, और यह 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जुड़ा है। इंडिगो, एयर इंडिया, एमिरेट्स, कतर एयरवेज जैसी प्रमुख एयरलाइंस यहां से उड़ान भरती हैं।

बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान को आधुनिक, ईंधन-कुशल और सुरक्षित माना जाता है। यह विशेष विमान करीब 8 वर्ष पुराना था और कुछ सप्ताह पहले ही इसका नियमित रखरखाव हुआ था।

जनता की प्रतिक्रिया और वैश्विक मीडिया कवरेज

दुर्घटना की खबर से भारत और ब्रिटेन समेत पूरी दुनिया में शोक की लहर फैल गई। मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया पर #AhmedabadCrash, #AI242 जैसी हैशटैग्स ट्रेंड कर रही हैं। लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और यात्रियों के परिवारों के लिए प्रार्थनाएं कीं।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुर्घटना को राष्ट्रीय त्रासदी करार देते हुए ब्रिटेन समेत सभी देशों का धन्यवाद किया जो समर्थन और संवेदना प्रकट कर रहे हैं।

भविष्य की कार्रवाई और सहयोग

भारत और ब्रिटेन दोनों देशों ने पीड़ित परिवारों को सहायता पहुंचाने हेतु संयुक्त प्रयासों की घोषणा की है। ब्रिटेन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और भारत ने मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय उड्डयन सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की जा रही है। साथ ही दोनों देशों में एक संयुक्त श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

निष्कर्ष

अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की यह उड़ान केवल तकनीकी विफलता का मामला नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की जीवनगाथा का एक दुखद मोड़ बन गई है। इस त्रासदी से जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन भारत और ब्रिटेन के बीच की एकजुटता और सहयोग इस कठिन समय में आशा और इंसानियत का संदेश देती है।

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