एयर इंडिया विमान हादसा: राजस्थान के एक पूरे परिवार की मौत ने देश को गमगीन कर दिया

एयर इंडिया विमान हादसा: राजस्थान के एक पूरे परिवार की मौत ने देश को गमगीन कर दिया

6 जून 2025 को एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान हादसे का शिकार हो गई, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई। गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों में यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 204 लोगों की मौत हो गई है और 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। यह भारत के पिछले दो दशकों में सबसे भयावह विमान दुर्घटना मानी जा रही है।

एक ही परिवार की मौत – राजस्थान के बांसवाड़ा में मातम का माहौल

इस दुर्घटना में राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से ताल्लुक रखने वाले डॉक्टर कोमी व्यास, उनके पति प्रतीक जोशी और उनके तीन छोटे बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत हृदयविदारक है।

डॉ. कोमी व्यास एक निजी अस्पताल में कार्यरत थीं। उनके पति प्रतीक जोशी पिछले छह वर्षों से लंदन की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम कर रहे थे। हाल ही में कोमी ने अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर लंदन में अपने पति के साथ बसने का निर्णय लिया था। प्रतीक जोशी विशेष रूप से भारत आए थे ताकि वे अपनी पत्नी और बच्चों को लंदन ले जा सकें।

परिवार के कुछ हालिया उत्सवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें वे सभी मुस्कुराते हुए दिखते हैं। कौन जानता था कि कुछ ही दिनों में पूरा परिवार एक साथ इस दुनिया से विदा ले लेगा। बांसवाड़ा के लोगों में शोक और अविश्वास का माहौल व्याप्त है।

दुर्घटनाग्रस्त विमान: बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर

विमान, जो कि एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था, में कुल 242 लोग सवार थे — 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य। इनमें से 169 भारतीय नागरिक थे, 53 ब्रिटिश नागरिक, 7 पुर्तगाली नागरिक और एक कनाडाई यात्री भी शामिल था।

अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद ही विमान एक पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरते हुए अचानक नियंत्रण खो बैठा और ज़मीन पर गिरते ही उसमें भीषण आग लग गई। इस दौरान पायलट और को-पायलट की भी मौत हो गई।

राहत और बचाव कार्य

हादसे की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग, NDRF और एंबुलेंस सेवाएं तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गईं। 204 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से कई की पहचान मुश्किल हो रही है। डीएनए टेस्ट के जरिए शिनाख्त की जा रही है।

41 घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों के परिजन लगातार अहमदाबाद पहुंच रहे हैं और भारी हृदयवेदना के साथ अपनों की पहचान कर रहे हैं।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अंतरराष्ट्रीय नेताओं की संवेदनाएं

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, “यह भारत के विमानन इतिहास का एक अत्यंत दुखद दिन है। हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं।”

नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, पुर्तगाल के राष्ट्रपति और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी हादसे पर दुख प्रकट किया है।

ब्लैक बॉक्स की तलाश

अब अधिकारियों का ध्यान विमान के ब्लैक बॉक्स को खोजने पर केंद्रित है, जिसमें फ्लाइट डाटा और कॉकपिट की बातचीत रिकॉर्ड होती है। यह जानकारी दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करने में मदद करेगी। आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे के नीचे ब्लैक बॉक्स की खोज की जा रही है।

बोइंग कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि, “हम इस त्रासदी से अत्यंत दुखी हैं और भारतीय अधिकारियों को जांच में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

विमान सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद भारत की विमानन सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एयर इंडिया, जिसे हाल ही में निजी हाथों में सौंपा गया था, पहले भी सुरक्षा और रखरखाव को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुकी है।

विमानन विशेषज्ञों ने सभी प्रमुख एयरलाइनों की सुरक्षा समीक्षा की मांग की है। कई यात्रियों के संगठन भी पायलट प्रशिक्षण, विमान के रखरखाव और रियल टाइम मौसम विश्लेषण में सुधार की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं।

देशभर में शोक की लहर

भारत के कोने-कोने में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभाएं, कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बांसवाड़ा में डॉक्टर कोमी व्यास के घर के बाहर सैकड़ों लोग शोक जताने पहुंचे हैं।

टीवी चैनलों और समाचार पत्रों में हादसे से जुड़े दिल को छू लेने वाले किस्से सामने आ रहे हैं — कोई छात्र विदेश पढ़ने जा रहा था, कोई नवविवाहित दंपति हनीमून के लिए निकले थे, तो कोई नौकरी के लिए विदेश जा रहा था। इन कहानियों ने हादसे को और भी दर्दनाक बना दिया है।


निष्कर्ष: एक भयावह त्रासदी, एक गंभीर चेतावनी

6 जून 2025 की एयर इंडिया विमान दुर्घटना केवल एक तकनीकी या मानवीय चूक नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय शोक का विषय बन गई है। डॉक्टर कोमी व्यास और उनके परिवार की मौत ने यह साबित कर दिया कि जीवन कितना अनिश्चित और नाजुक है।

अब समय आ गया है कि भारत सहित पूरी दुनिया विमानन सुरक्षा को लेकर और अधिक कठोर कदम उठाए। तकनीकी रखरखाव, पायलट प्रशिक्षण और जोखिम मूल्यांकन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति को एक श्रद्धांजलि यही होगी कि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की पीड़ा से न गुजरे।

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