दिल्ली से अहमदाबाद तक दुर्घटनाग्रस्त एयर इंडिया विमान में सवार एक यात्री का यात्रा अनुभव!

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना – पूरे देश को झकझोर देने वाली त्रासदी

12 जून 2025, भारतीय विमानन इतिहास का एक दुखद दिन बन गया। एयर इंडिया का एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान, जो दिल्ली से लंदन के लिए अहमदाबाद होकर जा रहा था, अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई और देशभर में शोक की लहर दौड़ गई।


✈️ विमान और उसकी उड़ान योजना

यह विमान AI-117 संख्या का था, जिसने सुबह दिल्ली से अहमदाबाद तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की थी। इसके बाद विमान को दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरनी थी। यह विमान एयर इंडिया के बेड़े का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था और अब टाटा समूह के अंतर्गत संचालित होता है।

विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश नागरिक, 1 कनाडाई नागरिक और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे।


💥 कैसे हुआ हादसा

टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खो दी और महज 600 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरते हुए अहमदाबाद स्थित बी. जे. मेडिकल कॉलेज परिसर में जाकर टकराया और विस्फोट के साथ जल उठा।

टक्कर के बाद विमान में विस्फोट हो गया, जिससे कॉलेज भवनों में आग लग गई। आसपास मौजूद छात्र, डॉक्टर, स्टाफ और आम लोग भी इस हादसे की चपेट में आ गए।


🕯️ मृत्यु और घायलों की संख्या

अहमदाबाद पुलिस के अनुसार अब तक करीब 200 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें विमान में सवार यात्री और कॉलेज परिसर के लोग शामिल हैं। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी इस हादसे में मारे गए हैं।

घायलों को तुरंत अहमदाबाद सिविल अस्पताल और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में कई की हालत गंभीर है।


👤 एक यात्री की आंखों देखी

विमान के दिल्ली से अहमदाबाद तक के चरण में सवार एक यात्री, आकाश, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

“मैं उसी विमान में था जो बाद में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। जब मैं दिल्ली से अहमदाबाद आ रहा था, मैंने सीट के पास कुछ अजीब आवाज़ें सुनीं और कुछ तकनीकी समस्याएं महसूस कीं। मैंने इसे लेकर एक वीडियो बनाया और एयर इंडिया को X पर टैग किया। मैं इस पर और जानकारी देने के लिए तैयार हूं।”

इससे संकेत मिलता है कि उड़ान में पहले से ही तकनीकी गड़बड़ियां थीं, जिन पर अगर ध्यान दिया जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।


🔍 जांच प्रारंभ

भारत की नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) को बरामद कर लिया गया है और उसे विश्लेषण के लिए भेजा गया है।

जांच में तकनीकी खराबी, मानव त्रुटि या मेंटेनेंस लापरवाही जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। एयर इंडिया की ओर से संबंधित विमान मॉडल के सभी विमानों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है।


🏢 टाटा समूह और एयर इंडिया की प्रतिक्रिया

टाटा समूह, जो वर्तमान में एयर इंडिया का मालिक है, ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घोषणा की है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

एयर इंडिया की ओर से एक प्रवक्ता ने कहा:

“यह हमारे लिए अत्यंत दुख का दिन है। हम अपने यात्रियों और स्टाफ की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। हम पूरी तरह से जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।”


🌍 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय और राज्य नेताओं ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

ब्रिटेन, कनाडा और पुर्तगाल की सरकारों ने भी इस दुखद घटना पर शोक प्रकट किया है और अपने नागरिकों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।


सुरक्षा मानकों पर सवाल

यह दुर्घटना भारत के विमानन सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है:

  • क्या पूर्व चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया?
  • क्या तकनीकी निरीक्षण पूरी तरह हुआ था?
  • क्या क्रू को पर्याप्त प्रशिक्षण मिला था?
  • यात्रियों की शिकायतों पर क्यों ध्यान नहीं दिया गया?

आकाश जैसे यात्रियों की टिप्पणियों से यह जाहिर होता है कि यदि समस्याओं को समय पर पहचाना और सुलझाया गया होता, तो यह त्रासदी रोकी जा सकती थी।


🛂 सरकारी कदम

नागर विमानन मंत्रालय ने घटना की गहन समीक्षा के आदेश दिए हैं। एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है जो 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। साथ ही एक हेल्पलाइन नंबर और परिवार सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि पीड़ितों के परिवारों को सहायता प्रदान की जा सके।


निष्कर्ष

यह हादसा भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक है। सैकड़ों निर्दोष लोगों की मौत, जिनमें छात्र, डॉक्टर, आम नागरिक और विदेशी नागरिक शामिल हैं, देश के लिए एक गहरा घाव है।

यह घटना बताती है कि विमानन सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है। यह समय है कि भारत और अन्य देश तकनीक, प्रशिक्षण, और ज़िम्मेदारी में सुधार करें।

देश उन सभी परिवारों के साथ खड़ा है जिन्होंने इस त्रासदी में अपनों को खोया। आशा है कि इस दर्दनाक अनुभव से सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सकेगा।

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