पाकिस्तान की आतंकवाद नीति बेनकाब: FATF और IISS की रिपोर्टों ने भारत के आरोपों को सही ठहराया

पाकिस्तान की आतंकवाद नीति बेनकाब: FATF और IISS की रिपोर्टों ने भारत के आरोपों को सही ठहराया

भारत ने लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवाद को शह देने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। अब दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं — वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS), लंदन — की ताज़ा रिपोर्टों ने इन आरोपों को वैश्विक वैधता प्रदान की है।

पहलगाम आतंकवादी हमला: वैश्विक निंदा का केंद्रबिंदु

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुआ आतंकवादी हमला, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की निर्मम हत्या हुई, ने भारत समेत पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। इस हमले का विशेष उल्लेख FATF की ताज़ा रिपोर्ट में किया गया है।

इस रिपोर्ट में FATF ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे आतंकवादी हमलों को वित्तीय समर्थन के बिना अंजाम नहीं दिया जा सकता। FATF ने यह भी चेतावनी दी कि आतंकवाद के विरुद्ध कोई भी देश अकेला लड़ नहीं सकता और इसके लिए वैश्विक सहयोग आवश्यक है। संगठन ने आतंकवादी संगठनों के वित्तपोषण तंत्र पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करने की भी घोषणा की है।

FATF की सख्त भाषा: “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” पर सीधी टिप्पणी

FATF की रिपोर्ट की भाषा अब तक की सबसे कड़ी मानी जा रही है। विशेष रूप से “राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद” (State-Sponsored Terrorism) जैसे शब्दों का प्रयोग यह संकेत देता है कि अब पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय धैर्य समाप्त हो रहा है

भारत वर्षों से आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन सरकार के संरक्षण में काम कर रहे हैं। अब FATF की टिप्पणी इन आरोपों को ठोस आधार देती है।

FATF की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में वापसी?

विश्लेषकों का मानना है कि FATF की आगामी अक्टूबर समीक्षा बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में फिर से शामिल किया जा सकता है। यदि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तो उसे ब्लैक लिस्ट में डालने की सिफारिश भी की जा सकती है — जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी होगी।

ऑपरेशन सिंधु: भारत की सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई

पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंधु” शुरू किया, जो पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने वाला एक विशेष सैन्य ऑपरेशन था। इस ऑपरेशन में केवल आतंकी ठिकानों को ही लक्ष्य बनाया गया, न कि आम नागरिकों या सैन्य ढांचों को।

IISS की रिपोर्ट में इस ऑपरेशन को “अभूतपूर्व सटीकता” वाला सैन्य मिशन बताया गया है और यह भी स्पष्ट किया गया है कि लक्ष्य लश्कर और जैश के आतंकियों के गढ़ ही थे।

राजकीय सम्मान के साथ आतंकियों का अंतिम संस्कार – पाकिस्तानी दोहरापन उजागर

IISS रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि पाकिस्तान सरकार ने ऑपरेशन सिंधु में मारे गए आतंकवादियों का अंतिम संस्कार सरकारी सम्मान के साथ किया, जिसमें सेना और पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए

यह स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान की सरकार न केवल आतंकवादियों को संरक्षण देती है, बल्कि उन्हें सम्मान भी देती है, जिससे पाकिस्तान का असली चेहरा पूरी दुनिया के सामने आ गया है।

भारत द्वारा सिंधु जल संधि का स्थगन

भारत ने हमले से पहले पाकिस्तान को सिंधु जल संधि की शर्तों की दोबारा समीक्षा करने का निमंत्रण दिया था, जिसे पाकिस्तान ने अस्वीकार कर दिया। इसके जवाब में भारत ने संधि को अनिश्चितकाल तक स्थगित कर दिया है और सलाल और बगलीहार बांधों के गेट बंद करने शुरू कर दिए हैं

इससे पाकिस्तान में खरीफ और रबी फसलों के लिए आवश्यक पानी की भारी कमी होने की संभावना है और उसकी बिजली उत्पादन व्यवस्था भी चरमरा सकती है

कृषि संकट और भविष्य का जल युद्ध?

IISS रिपोर्ट के अनुसार, भारत चेनाब और झेलम नदियों पर तेजी से नए बांधों का निर्माण कर रहा है। अगले 3 वर्षों में पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिससे भुखमरी, बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता का खतरा उत्पन्न होगा।

राजनीतिक अलगाव: पाकिस्तान की वैश्विक स्थिति बदतर

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की जो नीति अपनाई थी, वह अब साफ तौर पर सफल होती दिखाई दे रही है। FATF और IISS जैसी संस्थाओं की रिपोर्टें भारत के पक्ष को और मजबूत कर रही हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन जारी रखता है, तो अगली कार्रवाई में भारतीय नौसेना को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पिछले ऑपरेशन में नौसेना होती, तो पाकिस्तान आज चार टुकड़ों में बंट चुका होता

आगे क्या?

IISS ने यह भी खुलासा किया है कि जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर ने ऑपरेशन सिंधु का बदला लेने की धमकी दी है। यदि पाकिस्तान इन नेताओं पर कार्रवाई नहीं करता, तो भारत एक और, और भी सख्त ऑपरेशन के लिए तैयार है।

निष्कर्ष

FATF और IISS की रिपोर्टों ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत के पाकिस्तान पर लगाए गए आरोप केवल आरोप नहीं, बल्कि तथ्य हैं। पाकिस्तान अब आतंकवाद के समर्थन की कीमत चुका रहा है — आर्थिक, कूटनीतिक और सामरिक रूप से।

भारत ने अब स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के विरुद्ध “शून्य सहिष्णुता नीति” अपनाए हुए है और हर मोर्चे पर जवाब देने में सक्षम है — चाहे वह सैन्य हो, राजनयिक हो या जल संसाधनों पर नियंत्रण हो।

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