भारतीय वायुसेना के लिए इज़रायल की AIR LORA सुपरसोनिक मिसाइलें: आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति की ओर बड़ा कदम

भारतीय वायुसेना के लिए इज़रायल की AIR LORA सुपरसोनिक मिसाइलें: आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति की ओर बड़ा कदम

भारत, जो पिछले एक दशक से अपनी रक्षा प्रणाली के व्यापक आधुनिकीकरण में जुटा हुआ है, अब इज़रायल की सबसे उन्नत और शक्तिशाली AIR LORA सुपरसोनिक मिसाइल प्रणाली को भारतीय वायुसेना में शामिल करने की तैयारी में है। सबसे खास बात यह है कि इस मिसाइल को केवल खरीदा ही नहीं जाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत इसे भारत में ही स्थानीय रूप से निर्मित भी किया जाएगा।

इससे न केवल भारत की मारक क्षमता बढ़ेगी, बल्कि यह कदम भारतीय रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर एक मज़बूत पहचान दिलाने में सहायक होगा। साथ ही, चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की ओर से बढ़ते खतरे के बीच, यह मिसाइल भारतीय सेनाओं को एक रणनीतिक बढ़त प्रदान करेगी।


🔹 1. भारत का रक्षा आधुनिकीकरण: एक पृष्ठभूमि

पिछले 11 वर्षों से भारत सरकार तीनों सेनाओं — थल सेना, वायुसेना और नौसेना — को तकनीकी रूप से सुसज्जित और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। इसका एक बड़ा हिस्सा देश में ही रक्षा उपकरणों और मिसाइलों को विकसित करना है, ताकि विदेशी निर्भरता को कम किया जा सके।

‘आत्मनिर्भर भारत’ के अंतर्गत DRDO, BEL, HAL, और निजी रक्षा कंपनियाँ देश में ही मिसाइलें, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन, और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरण बना रही हैं। इसके साथ ही भारत अमेरिका, रूस, फ्रांस और इज़रायल जैसे मित्र देशों से रणनीतिक रक्षा उपकरणों का आयात भी कर रहा है।


🔹 2. भारत-इज़रायल रक्षा साझेदारी

भारत और इज़रायल के बीच रक्षा सहयोग 1990 के दशक में शुरू हुआ था, जो अब रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो चुका है। वर्तमान में इज़रायल की कुल हथियार निर्यात का लगभग 41% हिस्सा भारत को जाता है। हर साल भारत इज़रायल से करीब 1 बिलियन डॉलर (₹8,000 करोड़) की रक्षा खरीद करता है।

2023 में, भारत की सरकारी रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इज़रायल की Israel Aerospace Industries (IAI) के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत अत्याधुनिक AIR LORA मिसाइल प्रणाली को भारत में ही उत्पादन करने की योजना बनाई गई है।


🔹 3. AIR LORA क्या है? – एक परिचय

AIR LORA (Long Range Artillery Rocket) एक आधुनिक Supersonic Air-to-Ground Missile है, जो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (Short Range Ballistic Missile – SRBM) श्रेणी में आती है। इसे इस्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किया गया है।

🔸 प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ:

विशेषताविवरण
श्रेणीसुपरसोनिक एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल
मारक दूरी90 से 400 किमी
गतिMach 2.5–3 (सुपरसोनिक)
मार्गदर्शन प्रणालीGPS + INS + Anti-jamming सिस्टम
निशानदेही सटीकता (CEP)10 मीटर से कम
वजनलगभग 1600 किलोग्राम
लांच प्लेटफॉर्मSu-30MKI, Mirage 2000, P-8I, F-16, नौसेना जहाज
वारहेड प्रकारविस्फोटक, बंकर बस्टर, अग्नि आधारित, न्यूक्लियर
विशेष कार्यक्षमताFire-and-forget, mid-course reprogramming

इस मिसाइल को विशेष रूप से कमांड केंद्र, एयरबेस, नौसैनिक ठिकाने, और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी सुपरसोनिक गति और ऊर्ध्वगामी प्रहार कोण इसे पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम से बचाती है।


🔹 4. भारत के पास पहले से उपलब्ध Rampage मिसाइल से तुलना

भारत पहले ही इज़रायल की IMI Rampage मिसाइल का उपयोग कर रहा है, जिसकी मारक सीमा लगभग 250 किमी है। यह मिसाइल 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक के दौरान उपयोग की गई थी। लेकिन Rampage सबसोनिक (Mach < 1) है, जबकि AIR LORA तीन गुना तेज गति से चलती है और दुश्मन की प्रतिक्रिया समय को काफी हद तक कम कर देती है।

AIR LORA का चयन इसलिए हुआ क्योंकि यह:

  • ज्यादा दूरी तक हमला कर सकती है,
  • सुपरसोनिक गति से दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देती है,
  • और GPS जामिंग के बावजूद टारगेट को सटीकता से भेद सकती है।

🔹 5. विविध प्लेटफॉर्म से लॉन्च करने की क्षमता

AIR LORA की एक विशेषता है इसका मल्टी-प्लेटफॉर्म अनुकूलन:

  • भूमि आधारित मोबाइल लांचर से
  • नौसेना के युद्धपोतों से
  • वायुसेना के लड़ाकू विमानों से

इसे Su-30MKI, Mirage 2000, F-16, P-8I जैसे विमानों से भी दागा जा सकता है। इससे यह हिमालयी इलाकों से लेकर समुद्री तटों तक सभी भौगोलिक परिस्थितियों में कारगर साबित होती है


🔹 6. घरेलू उत्पादन और तकनीकी हस्तांतरण

BEL और IAI के बीच हुए समझौते के अनुसार:

  • मिसाइल की असेंबली और सिस्टम इंटीग्रेशन भारत में होगा,
  • कई तकनीकी पुर्जे जैसे फ्यूज, गाइडेंस सिस्टम भारत में ही बनेंगे,
  • इसके रखरखाव और सपोर्ट के लिए भारतीय प्रणाली विकसित की जाएगी।

इससे न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि हजारों नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे।


🔹 7. चीन और पाकिस्तान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त

भारत जिन दो मोर्चों पर सक्रिय है — पश्चिम में पाकिस्तान और उत्तर में चीन — वहां AIR LORA अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

✔️ पाकिस्तान में यह:

  • दुश्मन के आतंकवादी शिविरों और एयरबेस को भेदने के लिए
  • LY-80 जैसे डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए

✔️ चीन के खिलाफ यह:

  • HQ-9B और S-400 जैसे डिफेंस को बायपास कर सकती है
  • लद्दाख, अरुणाचल और सिलीगुड़ी कॉरिडोर में महत्वपूर्ण है

🔹 8. वॉरहेड विकल्प और फ्लेक्सिबिलिटी

AIR LORA में कई प्रकार के वारहेड लगाए जा सकते हैं:

  • हाई एक्सप्लोसिव (HE) – सामान्य विनाश के लिए
  • बंकर बस्टर – मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करने के लिए
  • आग फैलाने वाले (Incendiary) – क्षेत्रीय बाधा उत्पन्न करने के लिए
  • टैक्टिकल न्यूक्लियर वारहेड – भविष्य में जरूरत के अनुसार

साथ ही यह “Fire-and-Forget” मिसाइल है — दागो और भूल जाओ। लक्ष्य को रास्ते में भी बदला जा सकता है, जिससे यह रणनीतिक लचीलापन प्रदान करती है।


🔹 9. भविष्य की संभावनाएँ और निर्यात

भारत इस मिसाइल को भविष्य में:

  • DRDO के माध्यम से स्वदेशी संस्करण के रूप में विकसित कर सकता है
  • ब्रह्मोस-NG के साथ एकीकृत कर सकता है
  • एशिया, अफ्रीका जैसे देशों को निर्यात भी कर सकता है

इसे “Make in India” ब्रांड के तहत वैश्विक रक्षा बाजार में प्रतिस्पर्धी उत्पाद के रूप में पेश किया जा सकता है।


🔹 10. निष्कर्ष: भारत के लिए एक रणनीतिक क्रांति

इज़रायल की AIR LORA मिसाइल का अधिग्रहण और उसका घरेलू उत्पादन भारत के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि एक रणनीतिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्तर पर भारत की रक्षा स्थिति को मजबूत करने का प्रतीक है।

यह प्रणाली भारत को:

  • कम समय में सटीक हमले करने की क्षमता देती है,
  • हवाई शक्ति में बढ़त दिलाती है,
  • और विरोधियों के लिए स्पष्ट संदेश बन जाती है — भारत अब केवल प्रतिक्रिया नहीं करता, वह पहला और निर्णायक प्रहार करने में सक्षम है।
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