सीमा पार आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता अब विश्व के सामने उजागर हो चुकी है – अमित शाह
भारत पिछले कई दशकों से पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है। हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। इन्हीं घटनाओं में से एक थी पहलगाम में तीर्थयात्रियों की बस पर हुआ आतंकी हमला। इसके जवाब में भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” नामक एक सटीक और प्रभावशाली सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया।
दिल्ली में आयोजित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “हमने पहलगाम हमले के जवाब में केवल आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया। पाकिस्तान की किसी भी सैन्य चौकी पर हमला नहीं किया गया।” यह बयान स्पष्ट करता है कि भारत एक जिम्मेदार राष्ट्र की तरह कार्य करता है और किसी भी प्रकार के अनावश्यक संघर्ष को बढ़ावा नहीं देता।
उन्होंने आगे कहा कि आज पूरा विश्व भारत की सेना और उसकी क्षमताओं की सराहना कर रहा है। “दुनिया आज हमारी सेना की ताकत और उसकी हमला करने की योग्यता को मान्यता दे रही है,” ऐसा अमित शाह ने कहा। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि उसकी सैन्य कार्रवाइयों को वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है।
पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादियों को शरण, प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान कर रहा है। यह कोई रहस्य नहीं रह गया है। भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाया है और अब दुनिया के अन्य देश भी इस सच को समझने लगे हैं कि पाकिस्तान एक ओर शांति की बात करता है और दूसरी ओर आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
ऑपरेशन सिंदूर इस बात का उदाहरण है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ केवल प्रतिक्रिया नहीं करता, बल्कि योजनाबद्ध और सटीक रूप से कार्य करता है। यह कार्रवाई न केवल आतंकवादियों के खिलाफ थी, बल्कि यह नैतिकता और वैश्विक मानदंडों का पालन करते हुए की गई थी, जिससे कोई नागरिक हानि नहीं हुई।
अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा पार आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका अब विश्व के सामने पूरी तरह से उजागर हो चुकी है। अमेरिका, रूस, फ्रांस जैसे देश भारत के रुख का समर्थन कर रहे हैं। इससे भारत की कूटनीतिक स्थिति और मजबूत हुई है और पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है।
अंत में, अमित शाह का यह बयान एक स्पष्ट संदेश देता है: भारत अब आतंकवाद और उसके समर्थकों को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत न केवल हमलों का जवाब दे रहा है, बल्कि आतंकवाद के मूल ढांचे को नष्ट करने के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है।
सीमा पार आतंकवाद केवल भारत की समस्या नहीं, यह एक वैश्विक खतरा है। और भारत, पाकिस्तान की संलिप्तता को उजागर कर, शांति और सुरक्षा की दिशा में ठोस पहल कर रहा है।