तमिलनाडु में NDA की सरकार तय है: अमित शाह का साक्षात्कार और राजनीतिक संकेत

तमिलनाडु में NDA की सरकार तय है: अमित शाह का साक्षात्कार और राजनीतिक संकेत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में तमिल समाचार पत्र दिनमलर को दिए एक विशेष इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया:

“तमिलनाडु में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनना तय है। उस सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) एक अहम भूमिका निभाएगी।”

यह बयान, तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं और आत्मविश्वास का स्पष्ट संकेत देता है। अब तक राज्य में भाजपा सत्ता से दूर रही है, लेकिन यह इंटरव्यू बताता है कि 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी कितनी गंभीर है।


मोदी सरकार की 11 साल की उपलब्धियाँ

जब अमित शाह से पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 11 वर्षों की सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही, तो उन्होंने साफ कहा —

“2014 से पहले भारत कमजोर अर्थव्यवस्था वाला देश था। लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चार सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।”

2014 में भारत की स्थिति:

  • प्रशासन में अव्यवस्था
  • आंतरिक सुरक्षा की स्थिति खराब
  • बैंकों की हालत जर्जर
  • वैश्विक रूप से भारत आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ

2024 में भारत की स्थिति:

  • 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए
  • बैंक लाभ में, एनपीए घटकर 2.3%
  • विदेशी मुद्रा भंडार $65,400 करोड़
  • GDP $2 ट्रिलियन से $4.2 ट्रिलियन
  • 50% से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में
  • ₹44 लाख करोड़ का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)

शाह ने सवाल उठाया:

“अगर यह सब विकास नहीं है, तो फिर क्या है?”


विपक्ष के तर्कों पर पलटवार

जब विपक्ष यह कहता है कि GDP नंबर विकास को सही मायनों में नहीं दर्शाते, तब अमित शाह आंकड़ों से जवाब देते हैं:

  • कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹1.90 लाख करोड़ से ₹10.50 लाख करोड़
  • व्यक्तिगत आय ₹68,572 से ₹1,33,488
  • FDI में 143% वृद्धि
  • महंगाई दर 10.10% से 4.60% पर

इन आँकड़ों से अमित शाह यह दिखाना चाहते हैं कि मोदी सरकार ने ठोस आर्थिक सुधार किए हैं, जो केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जनता तक पहुँचे हैं।


‘आत्मनिर्भर भारत’ – सफलता की ओर

‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत भारत ने:

  • ₹1.30 लाख करोड़ के रक्षा उपकरण बनाए
  • ₹21,000 करोड़ का रक्षा निर्यात किया
  • मोबाइल निर्माण में 99% स्वदेशी उत्पादन
  • खिलौना उद्योग में आत्मनिर्भरता

लक्ष्य है कि 2029 तक रक्षा निर्यात ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाया जाए। इससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत खिलाड़ी बन सकेगा।


उत्तर-पूर्व का बदलाव

शाह ने उत्तर-पूर्व भारत में हुए विकास पर भी जोर दिया:

  • 2027 तक सभी पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियाँ रेल, हवाई और सड़क मार्ग से जुड़ेंगी
  • 12 शांति समझौते (बोडो, उल्फा आदि)
  • त्रिपुरा में 7,000 ब्रू परिवारों का पुनर्वास

यह साबित करता है कि मोदी सरकार ने वास्तविक एक भारत की भावना को मजबूत किया है।


सीट परिसीमन पर स्थिति स्पष्ट

तमिलनाडु विधानसभा ने लोकसभा सीट परिसीमन के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है। इस पर शाह ने स्पष्ट कहा:

“क्या कोई विधेयक लाया गया है? क्या कोई निर्णय हुआ है? नहीं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि DMK केवल ध्यान भटकाने के लिए इस मुद्दे को उठा रही है – ताकि भ्रष्टाचार, क़ानून-व्यवस्था की गिरावट और आंतरिक गुटबाज़ी से जनता का ध्यान हट सके। शाह ने आश्वासन दिया कि यदि कभी परिसीमन हुआ भी, तो तमिलनाडु के साथ कोई अन्याय नहीं होगा


तमिलनाडु को मिला केंद्रीय फंड – आँकड़ों के साथ जवाब

DMK का आरोप है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को पर्याप्त फंड नहीं देती। शाह ने इसके खिलाफ आँकड़े प्रस्तुत किए:

  • 2004–2014 (UPA सरकार): ₹1.53 लाख करोड़
  • 2014–2024 (NDA सरकार): ₹5.48 लाख करोड़
  • यह 3.5 गुना अधिक है

अन्य योजनाओं में:

  • ₹1.43 लाख करोड़ – इंफ्रास्ट्रक्चर
  • ₹63,000 करोड़ – सड़क निर्माण
  • ₹77,000 करोड़ – रेलवे
  • ₹2,000 करोड़ – 11 मेडिकल कॉलेज
  • ₹1.11 लाख करोड़ – घर-घर जल योजना (जल जीवन मिशन)

शाह ने यह भी जोड़ा कि ₹20,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन तिरुचिरापल्ली में किया गया।


भ्रष्टाचार और योजनाओं की विफलता

शाह का आरोप है कि तमिलनाडु की DMK सरकार:

  • केंद्र की योजनाओं को ठीक से लागू नहीं कर रही
  • कई योजनाओं को भ्रष्टाचार से ग्रसित कर रही है

उदाहरण:

  • ICDS फंड में गड़बड़ी (CAG रिपोर्ट)
  • मनरेगा में भ्रष्टाचार
  • प्रधानमंत्री मातृत्व योजना में पिछली किश्तों का दुरुपयोग
  • जल जीवन मिशन में फर्जी कनेक्शन
  • आवास योजना में अपात्र लोगों को घर

ये सभी मुद्दे सरकार की विफलता और जनता की उपेक्षा को उजागर करते हैं।


क़ानून-व्यवस्था – निवेश में बाधा

शाह के अनुसार, DMK शासन में क़ानून-व्यवस्था खराब है, जिससे बड़े निवेशक राज्य से दूर हो रहे हैं

“DMK सरकार की विफलता की वजह से तमिलनाडु में बड़े निवेश नहीं हो पा रहे हैं।”

यह टिप्पणी तमिलनाडु की आर्थिक संभावनाओं को लेकर चिंता जाहिर करती है, जो अच्छे शासन के अभाव में पिछड़ रही है।


निष्कर्ष – भाजपा की रणनीतिक योजना

अमित शाह का यह इंटरव्यू सिर्फ मोदी सरकार की उपलब्धियों का बखान नहीं था, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी था:

  • भाजपा अब तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए तैयार है
  • विकास और पारदर्शिता चुनावी मुद्दे होंगे
  • DMK की विफलताएँ और भ्रष्टाचार को उजागर किया जाएगा
  • 2026 विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक भूमि तैयार की जा रही है
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