ऑपरेशन सिंधूर – पाकिस्तान वायुसेना के महत्वपूर्ण ढांचे पर निर्णायक हमला

ऑपरेशन सिंधूर – पाकिस्तान वायुसेना के महत्वपूर्ण ढांचे पर निर्णायक हमला

पाहलगाम में हुए भयंकर आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने तीव्र और समन्वित सैन्य कार्रवाई के तहत ऑपरेशन सिंधूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के वायुसेना के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। यह पहला मौका था जब एक देश ने एक साथ 11 पाकिस्तान वायुसेना के अड्डों को लक्षित कर उनके हवाई सैन्य संसाधनों का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया।

ऑपरेशन सिंधूर की मुख्य बातें

  • भारत ने पाकिस्तान वायुसेना के लगभग 20 प्रतिशत ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे उसकी हवाई लड़ाकू क्षमता को भारी क्षति हुई।
  • सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य था कराची के पास स्थित 100वां बोलारी एयरबेस, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
  • नष्ट किए गए विमान में शामिल थे 8 F-16 लड़ाकू विमान और 4 JF-17 लड़ाकू विमान, जो पाकिस्तान के आधुनिक वायुसेना के मेरुदंड माने जाते हैं।
  • साथ ही, महत्वपूर्ण एयरबोर्न एर्ली वार्निंग सिस्टम जैसे Saab 2000 Erieye AEW&C विमान (मूल्य लगभग 93 मिलियन डॉलर) और IL-78 हवाई ईंधन भरने वाला विमान (मूल्य लगभग 35 मिलियन डॉलर) भी नष्ट कर दिए गए, जिससे पाकिस्तान की हवाई समन्वय क्षमता पर भारी प्रभाव पड़ा।

आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव

  • ऑपरेशन सिंधूर के कारण हुए कुल आर्थिक नुकसान का अनुमान लगभग 3.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 30,000 करोड़ भारतीय रुपये) है।
  • केवल चार F-16 ब्लॉक 52D लड़ाकू विमानों का नुकसान लगभग 350 मिलियन डॉलर आंका गया है।
  • अन्य नष्ट किए गए हथियारों में CM-400AKG और शाहीन श्रेणी के मिसाइल सिस्टम, Bayraktar TB2 ड्रोन, C-130H हर्क्यूलिस परिवहन विमान, अत्याधुनिक सतह से हवा में मिसाइल बैटरियां (HQ-9 SAM), और मोबाइल कमांड सेंटर शामिल हैं।
  • इन नुकसानों ने पाकिस्तान की हवाई आक्रमण और रक्षा क्षमता को दीर्घकालिक रूप से कमजोर कर दिया है।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और प्रचार

हमलों के बाद पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने 8 भारतीय लड़ाकू विमान जैसे राफेल को मार गिराया और भारत के S-400 वायु रक्षा सिस्टम पर हमला किया। लेकिन ये दावे खुले स्रोतों और स्वतंत्र विश्लेषणों द्वारा खारिज किए गए हैं, और इन्हें पाकिस्तान की प्रचार रणनीति के हिस्से के रूप में देखा गया है।

विशेषज्ञों की राय

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑपरेशन सिंधूर ने पाकिस्तान वायुसेना की युद्ध-तैयारी को गंभीर रूप से प्रभावित किया है और इसकी भविष्य की हवाई प्रतिक्रिया क्षमता पर लंबे समय तक असर पड़ेगा। यह ऑपरेशन भारत की रणनीतिक क्षमता को दर्शाता है, जो न केवल तत्काल खतरे का मुकाबला करता है बल्कि आतंकवाद की जड़ों को भी कमजोर करता है।

ऑपरेशन सिंधूर का महत्व

यह अभियान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद के मूल केंद्रों को नष्ट करना और पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। इसने भारत की दक्षिण एशियाई क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट किया है।

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