अमेरिका में पढ़ने वाले चीनी छात्रों के वीजा रद्द और हार्वर्ड विश्वविद्यालय पर कार्रवाई: शिक्षा नीति में नया बदलाव?
हाल ही में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने घोषणा की है कि अमेरिका में पढ़ रहे चीनी छात्रों के वीजा रद्द किए जाएंगे। यह कदम खास तौर पर उन छात्रों को लक्षित करता है जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हुए हैं या जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पढ़ाई कर रहे हैं। इस फैसले ने विश्वभर में चिंता और बहस को जन्म दिया है।
यह निर्णय हार्वर्ड विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पर बढ़ते दबाव के बीच आया है। मॅसाचुसेट्स राज्य में स्थित हार्वर्ड, शैक्षणिक उत्कृष्टता और स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता रहा है। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में वहां की विविधता और समावेशन से जुड़ी योजनाओं को बंद करने, प्रोफेसरों के अधिकार कम करने, और विदेशी छात्रों की प्रवेश पर रोक लगाने जैसी नीतियां लागू की गईं।
हार्वर्ड प्रशासन ने इन आदेशों का विरोध किया और कानूनी लड़ाई भी शुरू की। इसके जवाब में ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड के टैक्स छूट को रद्द कर दिया, जो विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका था। ट्रंप ने हार्वर्ड पर 5 बिलियन डॉलर से ज्यादा राशि के दुरुपयोग और कुछ कॉलेजों में यहूदी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप भी लगाया।
इस बीच, रूबियो के वीजा रद्दीकरण के फैसले ने चीनी छात्रों के लिए एक नई चिंता पैदा कर दी है। ये छात्र अमेरिका के शैक्षणिक और शोध क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अमेरिका लंबे समय से वैश्विक प्रतिभा के लिए प्रमुख केंद्र रहा है, खासकर चीन से आने वाले छात्रों के कारण विज्ञान और तकनीक में बड़ी उपलब्धियां हासिल की गई हैं। लेकिन सुरक्षा के नाम पर यह कदम इन छात्रों के भविष्य को अस्थिर कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका-चीन के बढ़ते तनाव का परिणाम है, जो व्यापार, तकनीक और कूटनीति के विभिन्न क्षेत्रों में जारी है। शिक्षा अब इस टकराव का अगला मोर्चा बन गई है।
आलोचक कहते हैं कि छात्रों के वीजा रद्द करना और विश्वविद्यालयों को निशाना बनाना शैक्षणिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है और अमेरिकी शिक्षा प्रणाली की नींव पर प्रश्नचिह्न लगाता है। यह दर्शाता है कि राजनीति शिक्षा और शोध में सीधे हस्तक्षेप कर रही है।
इसके अलावा, इस तरह के कदम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका आने से हतोत्साहित कर सकते हैं, जिससे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देश शिक्षा के नए आकर्षण केंद्र बन सकते हैं। हार्वर्ड की टैक्स छूट रद्द होने से अन्य विश्वविद्यालयों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।
निष्कर्षतः, राष्ट्रीय सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन विदेशी छात्रों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाना लंबे समय में अमेरिका की शिक्षा प्रणाली की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। वर्तमान माहौल वैश्विक प्रतिभा को दूर कर सकता है और अमेरिका की अकादमिक श्रेष्ठता को कमजोर कर सकता है।