पश्चिमी रूस में विस्फोट के कारण 2 पुल ढह गए, जिससे 7 लोगों की मौत हो गई।

रूस के पश्चिमी क्षेत्र में हाल ही में एक बड़ा पुल गिरने की दुर्घटना हुई, जिससे एक ट्रेन दुर्घटना हो गई। यह हादसा यूक्रेन की सीमा के करीब ब्रियान्स्क क्षेत्र में शनिवार की रात को हुआ। एक प्रमुख पुल अचानक गिर गया और उसके नीचे से गुजर रही एक पैसेंजर ट्रेन उस पुल के मलबे में फंस गई। इस दुर्घटना में ट्रेन का ड्राइवर समेत सात लोग मौत के घाट उतरे। साथ ही, 30 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना रूस में एक बड़ा सदमा लेकर आई है, खासकर जब देश यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष में है।

राहत दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फंसे हुए यात्रियों को बचाने और घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने का कार्य शुरू किया। दुर्घटना के बाद कुछ समय बाद ही, अधिकारियों ने कुर्स्क क्षेत्र में एक और पुल गिरने की सूचना दी, जो यूक्रेन की सीमा के पास है। इस दूसरी दुर्घटना में एक मालगाड़ी पुल गिरने से पटरी से उतरकर सड़क पर गिर गई, जिससे आग भी लग गई। हालांकि इस दुर्घटना में किसी के मरने की खबर नहीं आई।

दोनों पुल गिरने की घटनाओं के लिए रूस की खुफिया एजेंसी ने विस्फोट को जिम्मेदार बताया है। हालांकि विस्फोट के कारण और इसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है। इन घटनाओं को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि ये जानबूझकर की गई साजिश हो सकती है। यूक्रेन समर्थित विद्रोहियों द्वारा रूस की रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने की पिछली घटनाओं के आधार पर इसे एक व्यवस्थित हमले के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अलावा, रूस के सैन्य खुफिया विभाग (जिसे यूक्रेनी में GUR कहा जाता है) ने एक रूसी सैन्य ट्रेन पर हमले की बात कही है, जो भोजन और ईंधन लेकर क्रीमिया जा रही थी। हालांकि इस हमले का जिम्मा GUR ने नहीं लिया है और न ही इसे पुल गिरने की घटनाओं से जोड़ा गया है। यह संकेत है कि इस क्षेत्र में रूसी आपूर्ति मार्ग असुरक्षित हैं।

ये घटनाएं रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में हो रही हैं, जो 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के कब्जे और 2022 में यूक्रेन पर पूरी तरह आक्रमण के बाद से बढ़ी हैं। तब से रूस की सेनाएं पूर्वी यूक्रेन में कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं, विशेषकर ज़ापोरिज्जिया और आसपास। रेलवे और पुलों को निशाना बनाकर रूसी सेना की रसद और सैनिकों की आवाजाही को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलों के गिरने और रेलवे दुर्घटनाओं ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना दिया है। इन घटनाओं में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है, जो युद्ध की मानव कीमत को दर्शाता है। रूसी अधिकारियों ने राहत और मरम्मत कार्यों को जारी रखने की बात कही है।

आगे आने वाले समय में इस तरह के हमलों में वृद्धि की आशंका बनी हुई है, जो संघर्ष को और भी तीव्र कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि पुल और रेलवे जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।

संक्षेप में कहा जाए तो, रूस-यूक्रेन सीमा के पास हुए पुल गिरने की घटनाएं युद्ध के एक नए चरण की ओर इशारा करती हैं, जहां अवसंरचना को नुकसान पहुंचाना एक प्रमुख रणनीति बन गई है। इसने रूसी रेलवे सेवाओं और रसद मार्गों को प्रभावित किया है, जिससे सैन्य अभियानों में बाधा उत्पन्न हुई है। युद्ध के तेज़ होने के बीच नागरिक सुरक्षा और परिवहन नेटवर्क की सुरक्षा प्राथमिकता बनी हुई है।

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